प्रत्येक ग्राम पंचायत में विकसित होंगी अमृत पोषण वाटिकाएं
जोधपुर, 03 सितम्बर (हि.स.)। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (विकसित भारत-जी रामजी) योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं की क्रियान्विति के लिए कन्वर्जेन्स के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थाई, टिकाऊ एवं उत्पादक परिसम्पत्तियों के सृजन के लिए विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा ने समस्त विकास अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर इन कार्यों की स्वीकृति से संबंधित आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कार्यों को निर्धारित समयावधि में प्रारंभ किया जा सके।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 में विकसित भारत-जी रामजी योजना के तहत कन्वर्जेन्स के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्थाई परिसम्पत्तियों का निर्माण कराया जाएगा। अमृत पोषण वाटिका का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण को सुदृढ़ करना है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमृत पोषण वाटिका विकसित की जाएगी। इसके क्रियान्वयन के लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा राजीविका के अभिसरण से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक अमृत पोषण वाटिका की अनुमानित लागत 10 लाख रुपए होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित वस्तुओं के विपणन को बढ़ावा देने तथा स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय कारीगरों को स्थाई विपणन मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अमृत ग्रामीण हाट बाजार स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक पंचायत समिति में एक अमृत ग्रामीण हाट बाजार स्वीकृत किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 25 लाख रुपये होगी।
ग्रामीण पुस्तकालयों में मिलेंगी अध्ययन की बेहतर सुविधाएं
ग्रामीण युवाओं, विद्यार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अध्ययन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्रामीण पुस्तकालय विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक पंचायत समिति में एक ग्रामीण पुस्तकालय स्वीकृत किया जाएगा। प्रत्येक पुस्तकालय की अनुमानित लागत 17 लाख रुपए होगी। ग्राम स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विकास तथा खेल एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए सार्वजनिक स्थल विकसित करने के उद्देश्य से अमृत संजीवनी पार्क स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक पंचायत समिति में एक अमृत संजीवनी पार्क का कार्य स्वीकृत किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत अधिकतम 50 लाख रुपए होगी। इन कार्यों का क्रियान्वयन पंचायतीराज संस्थाओं तथा खेल एवं युवाओं से संबंधित विभागों के अभिसरण से किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

