अलवर टाइगर मैराथन के तीसरे संस्करण का आगाज, भूपेंद्र यादव और रणदीप हुड्डा ने किया शुभारंभ

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अलवर टाइगर मैराथन के तीसरे संस्करण का आगाज, भूपेंद्र यादव और रणदीप हुड्डा ने किया शुभारंभ


अलवर टाइगर मैराथन के तीसरे संस्करण का आगाज, भूपेंद्र यादव और रणदीप हुड्डा ने किया शुभारंभ


अलवर, 06 नवंबर (हि.स.)। अलवर टाइगर मैराथन के तीसरे संस्करण का शुक्रवार को ऐतिहासिक मूसी महारानी की छतरी परिसर से आगाज हुआ। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और बॉलीवुड अभिनेता एवं मैराथन के ब्रांड एंबेसडर रणदीप हुड्डा ने आयोजन का शुभारंभ किया। इस दौरान मैराथन के आधिकारिक शुभंकर 'सरिस्का वीर' का लोकार्पण और आधिकारिक टी-शर्ट का अनावरण किया गया। मैराथन का तीसरा संस्करण सात फरवरी 2027 को आयोजित होगा।

कार्यक्रम में शुभंकर 'सरिस्का वीर' विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसके माध्यम से बच्चों, युवाओं और परिवारों को बाघ संरक्षण, वन एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। शुभंकर ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और अभिनेता रणदीप हुड्डा को मैराथन की आधिकारिक टी-शर्ट भेंट की। इसके बाद दोनों अतिथियों ने संयुक्त रूप से टी-शर्ट का अनावरण किया।

इस अवसर पर राजस्थान पर्यटन विभाग और वी-शक्ति ट्रस्ट के बीच मैराथन के आयोजन को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हुआ। कार्यक्रम में मुंबई आतंकी हमले के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले अलवर निवासी कमांडो सुनील जोधा और अजमेर की अल्ट्रा रनर सुफिया सोफी को शॉल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि अलवर टाइगर मैराथन केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि फिटनेस को जन आंदोलन बनाने और बाघों एवं वनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट को आगे बढ़ाते हुए इस आयोजन के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरिस्का टाइगर रिजर्व अलवर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। यह क्षेत्र बाबा भर्तृहरि की तपोस्थली होने के साथ करणी माता, नारायणी माता और नीलकंठ महादेव जैसे धार्मिक स्थलों के कारण भी विशेष महत्व रखता है।

रणदीप हुड्डा बोले, अलवर की संस्कृति को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

मैराथन के ब्रांड एंबेसडर अभिनेता रणदीप हुड्डा ने कहा कि अलवर टाइगर मैराथन केवल दौड़ नहीं, बल्कि एक विचार है। इसके माध्यम से अलवर की संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, खान-पान, वेशभूषा और बोली को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि अलवर में एनसीआर का एकमात्र टाइगर रिजर्व सरिस्का स्थित है, जिसका गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने लोगों से सात फरवरी 2027 को होने वाले मैराथन के तीसरे संस्करण में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।

पहले संस्करण में सात हजार, दूसरे में 20 हजार धावक हुए शामिल

मैराथन के संयोजक अरुण जैन ने बताया कि पहले संस्करण में सात हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जबकि दूसरे संस्करण में यह संख्या करीब 20 हजार तक पहुंच गई। तीसरे संस्करण में सहभागिता को और व्यापक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस बार मैराथन का मार्ग अलवर शहर के भीतर प्रस्तावित किया गया है, जिससे शहरवासी भी सीधे आयोजन का हिस्सा बन सकेंगे।

मैराथन में प्रतिभागियों के लिए चार श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर की रन, पांच किलोमीटर की शक्ति रन और दो किलोमीटर की पैरा रन शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, मैराथन के लिए पंजीकरण पोर्टल 18 अक्टूबर से शुरू हो चुका है। सेना, पुलिस, वन विभाग, स्कूल-कॉलेज, रनिंग ग्रुप, खेल संघों और व्यापारिक संगठनों को भी आयोजन से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में अलवर नगर निगम की महापौर सुमनलता अग्रवाल, रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह, सरस डेयरी के चेयरमैन नितिन सांगवान, जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता और महासिंह चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार

Livevns.news Desk
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