तीन महीने बाद सरिस्का टाइगर सफारी हुई शुरू - 56 बाघों की चहलकदमी के बीच पर्यटकों का हुआ स्वागत

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तीन महीने बाद सरिस्का टाइगर सफारी हुई शुरू - 56 बाघों की चहलकदमी के बीच पर्यटकों का हुआ स्वागत


तीन महीने बाद सरिस्का टाइगर सफारी हुई शुरू - 56 बाघों की चहलकदमी के बीच पर्यटकों का हुआ स्वागत


तीन महीने बाद सरिस्का टाइगर सफारी हुई शुरू - 56 बाघों की चहलकदमी के बीच पर्यटकों का हुआ स्वागत


अलवर, 01 अक्टूबर (हि.स.)।

मानसून के तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद राजस्थान का विश्व प्रसिद्ध सरिस्का टाइगर रिजर्व गुरुवार से पर्यटकों के लिए विधिवत रूप से खोल दिया गया है। नया पर्यटन सत्र (2026-27) शुरू होने के पहले ही दिन सैकड़ों देशी-विदेशी पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया।

सत्र के पहले दिन सरिस्का प्रवेश द्वार पर पहुंचे पर्यटकों के लिए वन विभाग ने विशेष व्यवस्था की। क्षेत्र निदेशक संग्राम सिंह कटियार और उप वन संरक्षक अभिमन्यु सहारण की उपस्थिति में पर्यटकों को तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर और मुंह मीठा करवाकर पार्क में प्रवेश कराया गया। इस मौके पर सहायक वन संरक्षक, क्षेत्रीय वन अधिकारी, वनपाल, नेचर गाइड और जिप्सी चालक मौजूद रहे।

पिछले कुछ वर्षों में सफल बाघ संरक्षण और शावकों के जन्म के कारण सरिस्का में बाघों का कुनबा बढ़कर 56 हो गया है। क्षेत्र निदेशक संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि बाघों और उनके शावकों की बढ़ती संख्या के चलते इस सीजन में पर्यटकों को टाइगर साइटिंग होने की संभावनाएं काफी अधिक हैं।

बाघों के अलावा सरिस्का के हरे-भरे अरावली जंगलों में पर्यटक तेंदुआ, सांभर, चीतल, नीलगाय, जंगली सूअर और कई प्रजातियों के दुर्लभ पक्षियों का दीदार कर सकेंगे।

पर्यटन सत्र की शुरुआत से न केवल वाइल्डलाइफ लवर्स में उत्साह है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिला है। पार्क खुलने से अलवर और आसपास के सैकड़ों नेचर गाइड्स, जिप्सी/कैंटर चालकों और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

वन विभाग के अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सफारी के दौरान अनुशासन और नियमों का पालन करें:

सफारी गाड़ियों से नीचे उतरना सख्त मना है।

जंगल के भीतर शोर न मचाएं और न ही वन्यजीवों को परेशान करें।

वन क्षेत्र में प्लास्टिक, पॉलीथीन या कचरा न फैलाएं।

सफारी बुकिंग की जानकारी

पर्यटक सरिस्का में जिप्सी और कैंटर सफारी के लिए राजस्थान वन विभाग के अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी एडवांस बुकिंग करवा सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार

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