किसानों की उत्पादन क्षमता एवं आय में वृद्धि सुनिश्चित हो- मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास

WhatsApp Channel Join Now
किसानों की उत्पादन क्षमता एवं आय में वृद्धि सुनिश्चित हो- मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास


जयपुर, 3 जनवरी (हि.स.)।

श्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर में एलुमनी मीट का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए पूर्व छात्र, शिक्षक एवं अनेक गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि ड्रिप इरीगेशन, वाटर पॉन्ड तथा मृदा सुधार जैसी योजनाओं को किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य तथा आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों की उत्पादन क्षमता एवं आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कृषि के राष्ट्रीय विकास में महत्व पर प्रकाश डाला तथा विश्वविद्यालय की नई वेबसाइट और पेंशनर्स पोर्टल की सराहना की। उन्होंने एलुमनी मीट को विश्वविद्यालय के सशक्त निर्माण के लिए उपयोगी बताया और वर्षा आधारित खेती, जल संरक्षण तथा किसानों के साथ विश्वविद्यालय की सहभागिता पर चर्चा की।

महानिदेशक, आईसीएआर एवं सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डेयर) डॉ. एम. एल. जाट ने भी महाविद्यालय का भ्रमण किया और शिक्षकों व पूर्व छात्रों से संवाद किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक महाविद्यालय तथा श्री रावल कर्ण नरेंद्र सिंह के योगदान का सम्मान करते हुए गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा, किसानों की वर्तमान आवश्यकताओं एवं विश्वविद्यालय के विकास में एलुमनी की भूमिका पर बल दिया। डॉ. एम. एल. जाट ने कृषि के विजन–2047 को साकार करने के लिए एक समग्र रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी संबंधित मंत्रालयों को समय रहते अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना होगा।

डॉ. जाट ने कहा कि दिनभर किए गए कार्यों की प्रतिदिन सायंकाल आत्ममंथन किया जाना चाहिए, ताकि यह आकलन किया जा सके कि दिन में किस प्रकार का कार्य हुआ और उसमें क्या सुधार संभव है।

उन्होंने भारतीय एग्रीकल्चर हेरिटेज को खोजने, उसका डॉक्यूमेंटेशन करने तथा डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में व्यापक रूप से कार्य करने पर विशेष बल दिया, ताकि कृषि ज्ञान को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान कुलगुरु डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा वर्ष 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एक ठोस रोडमैप तैयार करने के लिए कृषि विश्वविद्यालय सक्रिय रूप से कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि इस दिशा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विस्तार गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे किसानों को सीधा एवं व्यावहारिक लाभ मिल सके।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की नई वेबसाइट एवं पेंशनर्स पोर्टल का उद्घाटन किया गया, जिससे डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय किसान संघ के मंत्री गजेंद्र सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने एलुमनी मीट की प्रशंसा की तथा डॉ. एम. एल. जाट के योगदानों की सराहना की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

Share this story