दो मंजिला छत से गिरा युवक, दो माह बाद स्वस्थ होकर घर लौटा
अजमेर, 15 सितंबर (हि.स.)। ब्यावर जिले का एक युवक दो मंजिला मकान की छत से सिर के बल गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गंभीर चोट के साथ मस्तिष्क में सूजन तथा कंधे, हाथ और पसलियों में फ्रैक्चर हुए। मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर में करीब दो माह तक चले उपचार के बाद युवक स्वस्थ होकर मंगलवार को घर लौट गया।
मित्तल हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरो सर्जन डॉ. ए.आर. गौरी ने बताया कि ऊंचाई से गिरने के कारण युवक के मस्तिष्क में गंभीर चोट और व्यापक सूजन थी। परिजनों को उसकी स्थिति और उपचार की संभावनाओं की जानकारी देने के बाद उपचार शुरू किया गया। उपचार के दौरान युवक ने आंखें खोलकर प्रतिक्रिया देना शुरू किया और धीरे-धीरे उसकी स्थिति में सुधार हुआ।
आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और नर्सिंग टीम की सतत निगरानी में उपचार के दौरान युवक बोलने लगा और अपने पिता, भाई तथा चिकित्सकों को पहचानने लगा। इसके बाद मस्तिष्क की सूजन भी धीरे-धीरे कम हुई।
डॉ. गौरी ने बताया कि सिर की चोट से स्थिति स्थिर होने के बाद कंधे और हाथ के फ्रैक्चर का उपचार किया गया। सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. नितीश काबरा और उनकी टीम ने आवश्यक उपचार किया। स्वास्थ्य में सुधार के बाद युवक को चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक सावधानियों के साथ अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
युवक के पिता ने चिकित्सकों, नर्सिंग एवं अन्य कर्मचारियों और अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया। परिवार के अनुसार हादसे से कुछ माह पहले ही युवक का विवाह हुआ था और उसकी पत्नी गर्भवती है। हादसे के समय दोनों घर की छत की मुंडेर पर बैठे बातचीत कर रहे थे, तभी संतुलन बिगड़ने से युवक नीचे गिर गया।
परिवार के अनुसार युवक का उपचार राज्य सरकार की कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निजी चिकित्सा संस्थान में नि:शुल्क हुआ। परिवार का अनुमान है कि निजी खर्च पर उपचार कराने में 15 लाख रुपये से अधिक खर्च हो सकता था।
डॉ. गौरी ने कहा कि गंभीर ट्रॉमा मरीजों के उपचार में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य सहयोगी टीम के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

