एआई से स्मार्ट होगा रेलवे रिजर्वेशन

WhatsApp Channel Join Now
एआई से स्मार्ट होगा रेलवे रिजर्वेशन


जोधपुर, 08 मई (हि.स.)। भारतीय रेलवे की 40 साल पुरानी आरक्षण प्रणाली अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस होकर अधिक स्मार्ट और यात्री-अनुकूल बनने जा रही है। नई अपग्रेडेड प्रणाली में वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना बताने की सटीकता 53 प्रतिशत से बढक़र लगभग 94 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। इससे यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय ही सीट कन्फर्म होने का अधिक भरोसेमंद अनुमान मिल सकेगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अगस्त से ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से नई पीआरएस में शिफ्ट करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तकनीकी बदलाव के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1986 में शुरू हुई आरक्षण प्रणाली में यह अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी उन्नयन माना जा रहा है। वर्तमान में रेलवे के कुल टिकटों में लगभग 88 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से हो रही है। बैठक में जानकारी दी गई कि रेलवे का रेलवन ऐप भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

अब तक इसे लगभग 3.5 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है और इसके माध्यम से प्रतिदिन करीब 9.29 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं। भारतीय रेलवे ने वर्ष 2024-25 में यात्रियों को लगभग 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की। औसतन प्रत्येक टिकट पर यात्रियों को करीब 43 प्रतिशत तक की राहत मिल रही है। यानी 100 रुपये की वास्तविक यात्रा लागत पर यात्री लगभग 57 रुपये ही भुगतान कर रहे हैं।

इन सुविधाओं से लोकप्रिय हो रहा रेलवन ऐप

रेलवन ऐप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह यात्रियों को रेलवे से जुड़ी लगभग सभी प्रमुख सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है। रेलवन ही वह ऐप है जिस पर वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने के अनुमान की सटीकता पहले के 53 प्रतिशत से बढक़र 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस ऐप के जरिए आरक्षित, अनारक्षित और प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग, टिकट रद्दीकरण, रिफंड, ट्रेन की लाइव लोकेशन, प्लेटफॉर्म जानकारी, कोच पोजीशन, वेटिंग स्टेटस और रेल मदद जैसी सुविधाएं आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं।

यात्रा के दौरान यात्री इसी ऐप के माध्यम से अपनी सीट पर भोजन भी मंगवा सकते हैं। सरल इंटरफेस और बहुउपयोगी सुविधाओं के कारण यह ऐप यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

Share this story