बीकानेर के बच्चे सीख रहे एआई और रोबोटिक्स, राेबाे स्पार्क अकादमी बना रही भविष्य के इनोवेटर्स

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बीकानेर के बच्चे सीख रहे एआई और रोबोटिक्स, राेबाे स्पार्क अकादमी बना रही भविष्य के इनोवेटर्स


बीकानेर, 03 जून (हि.स.)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स के बढ़ते महत्व को देखते हुए बीकानेर में बच्चों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक अनूठी पहल की जा रही है। जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित हेमू सर्किल पर संचालित रोबो स्पार्क एआई एंड रोबोटिक्स एकेडमी कक्षा 2 से 10 तक के विद्यार्थियों को एआई, रोबोटिक्स, कोडिंग और तकनीकी नवाचारों का प्रशिक्षण दे रही है। इसी संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में अकादमी की गतिविधियों और विद्यार्थियों द्वारा विकसित विभिन्न प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की गई।

अकादमी की निदेशक मल्लिका सप्रा ने बताया कि वर्तमान दौर में एआई और रोबोटिक्स केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि आज की आवश्यकता बन चुके हैं। ऐसे में बच्चों को कम उम्र से ही इन तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अकादमी का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता, समस्या समाधान कौशल और नवाचार की भावना विकसित करना है, ताकि वे डिजिटल युग की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।

उन्होंने बताया कि अकादमी में विद्यार्थियों को रोबोटिक मॉडल निर्माण, कोडिंग, एआई के मूल सिद्धांतों और नवाचार आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान छात्र स्वयं विभिन्न प्रोजेक्ट तैयार करते हैं और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने का प्रयास करते हैं। इससे विज्ञान और तकनीक के प्रति उनकी रुचि बढ़ने के साथ-साथ आत्मविश्वास का भी विकास होता है।

मल्लिका सप्रा ने कहा कि रोबोटिक्स और एआई शिक्षा के माध्यम से बच्चों में समस्या समाधान, क्रिटिकल थिंकिंग, रचनात्मकता, टीमवर्क, संचार कौशल और नवाचार जैसे 21वीं सदी के महत्वपूर्ण कौशल विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीकी शिक्षा केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी इसके समान अवसर मिलने चाहिए।

उन्होंने बताया कि आज एआई और रोबोटिक्स का उपयोग स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, परिवहन और विनिर्माण सहित अनेक क्षेत्रों में हो रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर इन तकनीकों से जोड़ना उनके भविष्य के करियर और उद्यमिता के लिए लाभदायक साबित होगा। अकादमी विद्यार्थियों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं सिखाती, बल्कि उसके नैतिक और जिम्मेदार उपयोग के प्रति भी जागरूक करती है।

प्रेस वार्ता में अकादमी से जुड़े तौसीफ रजा ने कहा कि अभिभावकों को भी अपने बच्चों को भविष्य की तकनीकों से परिचित कराने के लिए एआई और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक शिक्षा से जोड़ना चाहिए, ताकि वे तकनीक के केवल उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि उसके निर्माता और नवप्रवर्तक भी बन सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

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