कृषि विश्वविद्यालय : प्रशिक्षण कार्यक्रम में चने की बेहतरीन उपज के लिए बताए वैज्ञानिक उपाय

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कृषि विश्वविद्यालय : प्रशिक्षण कार्यक्रम में चने की बेहतरीन उपज के लिए बताए वैज्ञानिक उपाय


जोधपुर, 23 फरवरी (हि.स.)। कृषि विश्वविद्यालय के डॉ बीआर चौधरी कृषि अनुसंधान केन्द्र, मंडोर की ओर से आईसीएआर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना, रबी दलहन के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति (टीएसपी) कृषकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं आदान वितरण कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र, सिरोही में किया गया। प्रशिक्षण का विषय चने की बेहतर उपज एवं अधिक लाभ उन्नत खेती पद्धति रहा। कार्यक्रम में टीएसपी क्षेत्र के कृषकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने चना की उन्नत एवं अधिक लाभकारी खेती से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।

डॉ. एसके खिंची ने चना में कीट प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी देते हुए समेकित कीट नियंत्रण उपायों को अपनाने की सलाह दी। डॉ. आरपीएस जैतावत ने चना में समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन पर व्याख्यान देते हुए फसल सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय बताए।

डॉ. हरि सिंह ने सिंचाई एवं पोषक तत्व प्रबंधन पर प्रकाश डालते हुए संतुलित उर्वरक उपयोग एवं उचित सिंचाई प्रबंधन की आवश्यकता बताई। डॉ. दान सिंह जाखड़ ने चने की उन्नत किस्मों एवं कटाई पश्चात प्रबंधन विषय पर जानकारी देते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पादन एवं बेहतर भंडारण तकनीकों पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान कृषकों को आवश्यक कृषि आदान (इनपुट) भी वितरित किए गए। इस दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें चने की आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि उत्पादन एवं आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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