कृषि विश्वविद्यालय : कृषकों को दी उड़द की उन्नत खेती की जानकारी
जोधपुर, 23 सितम्बर (हि.स.)। कृषि विश्वविद्यालय के डॉ बीआरसी कृषि अनुसंधान केंद्र मंडोर की ओर से उड़द की उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खूटिया गांव में अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना खरीफ दलहन, भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर के सौजन्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं प्रक्षेत्र दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो विरेंद्र सिंह जैतावत एवं क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डॉ मोती लाल मेहरिया के निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित किसानों के खेतों पर एक-एक हेक्टेयर क्षेत्र में कोटा उड़द-4 किस्म के प्रदर्शन स्थापित किए गए। फसल के प्रक्षेत्र दिवस आयोजन के दौरान किसानों से प्राप्त फीडबैक एवं फसल के अवलोकन के आधार पर डॉ. एम.एस. चांदावत ने किसानों से फसल प्रदर्शन, वृद्धि, रोग प्रकोप एवं उपज से संबंधित जानकारी प्राप्त की। डॉ. भैरू लाल कुम्हार ने किसानों को उड़द की वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अच्छी एवं गुणवत्तापूर्ण उपज के लिए खेत की तैयारी, उचित बुवाई समय, बीज दर एवं पौध संख्या, पोषक तत्व प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा समय पर कटाई का महत्वपूर्ण योगदान होता है। डॉ. कल्पना चौधरी ने किसानों को बीज उपचार की वैज्ञानिक विधि, महत्व व उपचार की जानकारी दी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

