हेल्प सेंटर के लिए चैंबर और सिडबी के बीच हुआ समझौता
जयपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विकास को गति देने और उद्योग संघों को मजबूत बनाने के लिए राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री तथा भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के बीच शुक्रवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। चैंबर भवन, एमआई रोड पर डेवलपमेंट ऑफ इंडस्ट्री एसोसिएशंस (डीआईए) कार्यक्रम के तहत हुए इस समझौते से प्रदेश के उद्यमियों को वित्तीय सुविधाओं, तकनीकी उन्नयन और व्यावसायिक विकास से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
समझौता ज्ञापन पर राजस्थान चैंबर की ओर से मानद महासचिव आनंद महरवाल और सिडबी की ओर से महाप्रबंधक दिनेश कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस सहयोग के तहत सिडबी की ओर से चैंबर परिसर में हेल्प सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। यहां उद्यमियों को एमएसएमई से जुड़ी योजनाओं, ऋण सुविधाओं, वित्तीय सहायता, तकनीकी उन्नयन और उद्योगों के विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों के बारे में मार्गदर्शन मिलेगा।
राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन ने कहा कि चैंबर अपने प्रदेशव्यापी सदस्यता आधार, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के नेटवर्क और सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सहयोग के जरिए डीआईए कार्यक्रम को अधिकाधिक उद्योग संघों और उद्यमियों तक पहुंचाएगा। इससे उद्योग संघों की संस्थागत क्षमता, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुशासन और परिचालन दक्षता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि उद्योग संघ एमएसएमई के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सशक्त उद्योग संघ अपने सदस्यों की साझा समस्याओं के समाधान, व्यावसायिक जानकारी के आदान-प्रदान और सरकारी व वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करने में प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। इस पहल से उद्यमियों को वित्तीय सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं, अनुपालन संबंधी मार्गदर्शन और बाजार तक पहुंच के अवसरों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
सिडबी के महाप्रबंधक दिनेश कुमार ने कहा कि डीआईए कार्यक्रम उद्योग संघों को अधिक सक्षम, प्रभावी और आत्मनिर्भर संस्थाओं के रूप में विकसित करने की पहल है। इसके माध्यम से उद्योग संघों की क्षमता निर्माण, विशेषज्ञ सेवाओं तक पहुंच, डिजिटल संपर्क और एमएसएमई समूहों के समग्र विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा।
चैंबर परिसर में प्रस्तावित हेल्प सेंटर उद्यमियों और सिडबी के बीच सेतु का काम करेगा। इससे उद्यमियों को उपलब्ध योजनाओं और वित्तीय सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहायता मिल सकेगी। इस सहयोग से प्रदेश में औद्योगिक विकास, उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

