किसानों को दी उन्नत खेती की जानकारी
जोधपुर, 19 सितम्बर (हि.स.)। कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के डॉ. बीआर. चौधरी कृषि अनुसंधान केंद्र मंडोर द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, आईसीएआर की अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना-तिल एवं रामतिल के अंतर्गत ग्राम बोयल में उन्नत तिल किस्में एवं जलवायु-स्मार्ट उत्पादन तकनीकें: अधिक उपज, बेहतर गुणवत्ता एवं बढ़ती किसान आय विषय पर दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डॉ. मोतीलाल मेहरिया के दिशा-निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में लगभग 30–35 कृषकों ने भागीदारी की।
कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. राकेश चौधर ने कृषकों को तिल की उन्नत खेती संबंधी वैज्ञानिक तकनीकों एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने के उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बीज उपचार, समय पर बुवाई, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा कटाई-पश्चात प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में किसानों को अवगत कराया।
उन्होंने जलवायु परिवर्तन एवं अनिश्चित मौसम की परिस्थितियों में तिल की उत्पादकता एवं लाभप्रदता बढ़ाने के लिए जलवायु-स्मार्ट तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने कृषकों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त वैज्ञानिक जानकारी एवं तकनीकों को अन्य किसानों तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक कृषक लाभान्वित हो सकें। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. दान सिंह जाखडऩे कृषकों को कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित तिल की उन्नत एवं उच्च उत्पादक किस्मों की जानकारी प्रदान की।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

