प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई शुरू, फीस का ब्यौरा अब पोर्टल पर

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई शुरू, फीस का ब्यौरा अब पोर्टल पर
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई शुरू, फीस का ब्यौरा अब पोर्टल पर


बीकानेर, 15 मई (हि.स.)। राजस्थान के शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य के सभी स्कूलों को फीस का ब्यौरा अब प्राइवेट स्कूल पोर्टल (पीएसपी) पर देना होगा। इतना ही नहीं इस फीस का अनुमोदन करवाने के बाद तीन साल तक कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। स्कूल में पढ़ाई जा रही बुक्स की डिटेल भी सार्वजनिक करनी होगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक आशीष मोदी ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

निदेशालय से जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूल स्तर पर पेरेंट्स टीचर की एक कमेटी का गठन करना होगा। ये कमेटी फीस का निर्धारण करेगी। इस फीस कमेटी के सभी सदस्यों का नाम, पता, मोबाइल नंबर प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। इस कमेटी से अप्रूव फीस से ज्यादा फीस लेना अवैध होगा। ऐसे स्कूल पर फीस एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। अभिभावकों को बढ़ी हुई फीस लौटानी पड़ सकती है, जो फीस तय होगी, वो तीन साल तक रहेगी।

बुक्स की लिस्ट करें सार्वजनिक

निदेशक ने प्राइवेट स्कूल्स को आदेश दिया है कि सभी स्कूल को हर हाल में अपनी बुक्स की लिस्ट सार्वजनिक करनी होगी। लिस्ट में लेखक, प्रकाशक के नाम और मूल्य के साथ अपने नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित करनी होगी। वेबसाइट पर सत्र प्रारम्भ होने के कम में कम से कम एक महीने पहले लिस्ट चस्पा करनी होगी। स्टूडेंट्स व गार्जन अपनी सुविधानुसार खुले बाजार से बुक्स खरीद सकेंगे। ऐसे ही स्कूल ड्रेस भी बाजार से खरीदने की छूट होगी।

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