अजमेर, जयपुर और बीकानेर मंडलों में साै प्रतिशत वाटर टैंकों की सफाई का लक्ष्य प्राप्त किया
जयपुर, 30 सितंबर (हि.स.)। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 अगस्त 2026 से सभी जल टैंकों की सफाई के लिए विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान के तहत अब तक 20,800 से अधिक वाटर टैंकों की सफाई की जा चुकी है। अभियान के दौरान अजमेर, जयपुर और बीकानेर मंडलों में 100 प्रतिशत वाटर टैंकों की सफाई का लक्ष्य प्राप्त किया गया है तथा तथा जोधपुर मंडल में यह कार्य 85 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है तथा शेष कार्य तेजी से प्रगति पर है। उल्लेखनीय है कि वाटर टेकों में नियमित शेड्यूल के अनुसार सफाई कार्य किया जाता है तथा इस अभियान के दौरान शेड्यूल के अतिरिक्त विशेष तौर पर सफाई की जा रही है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल की नियमित जांच भी की जा रही है। अभियान के दौरान अब तक 7,376 अवशिष्ट क्लोरीनीकरण परीक्षण, 887 जैविक परीक्षण तथा 413 रासायनिक परीक्षण किए जा चुके हैं। इन परीक्षणों के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अभियान के दौरान सभी ओवरहेड एवं भूमिगत वाटर टैंकों को उचित रूप से ढककर रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि धूल, गंदगी तथा अन्य बाहरी दूषित पदार्थों के संपर्क से जल को सुरक्षित रखा जा सके।
इसके अतिरिक्त, खुले एवं अन्य जल स्रोतों को भी आवश्यकतानुसार मजबूत लोहे की जाली/नेटिंग से ढकने की व्यवस्था की जा रही है। इससे जल स्रोतों में बाहरी प्रदूषण एवं दूषित पदार्थों के प्रवेश की संभावना को कम किया जा सकेगा तथा जल की स्वच्छता एवं गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा विशेष अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों की सफाई, जल गुणवत्ता की नियमित जांच तथा पेयजल के सुरक्षित भंडारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य रेलवे परिसरों में स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

