जेएनवी विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा, पुलिस अधिकारियों से नोकझोंक

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जेएनवी विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा, पुलिस अधिकारियों से नोकझोंक


जोधपुर, 23 अप्रैल (हि.स.)। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) में सिंडिकेट की बैठक से ठीक पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने हैड ऑफिस पर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने कुलपति को 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर विवि प्रशासन की विभिन्न नीतियों का विरोध किया। इन मांगों में मुख्य रूप से कुलपति सचिवालय को नए परिसर में स्थानांतरित करने पर रोक लगाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत बंद की गई पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को स्टूडेंट्स के हित में दोबारा शुरू करने की मांग शामिल है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि कुलपति सचिवालय को न्यू कैंपस में शिफ्ट करने की प्रस्तावित प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जाए और इसे शहर के बीच स्थित वर्तमान मुख्य कार्यालय में ही संचालित रखा जाए, ताकि आमजन को असुविधा न हो। इसके अलावा ओल्ड कैम्पस में स्थित डिस्पेंसरी को बंद या स्थानांतरित न करने और वहां एक नई आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की भी मांग रखी गई। पुराना परिसर स्थित एकल खिडक़ी पर इंटरनेट कनेक्शन की भी मांग की गई है। मांग पत्र में एनईपी लागू होने के बाद परीक्षा के आंतरिक और बाह्य मूल्यांकन के अनुपात को वर्तमान 20:80 से हटाकर वापस 30:70 करने की मांग उठाई गई है। इसके साथ ही, फाइन आर्ट्स संकाय में गवर्नमेंट एडेड सीट्स पर प्रवेश शुरू करने, इवनिंग फैकल्टी व केएन कॉलेज में शारीरिक शिक्षा के अतिरिक्त सेक्शन और इवनिंग फैकल्टी में राजस्थानी विषय शुरू करने की मांग की गई है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डिग्री देने की तमाम प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए और प्रवेश के दौरान मांगी जाने वाली ऑफलाइन हार्डकॉपी व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। चालान में फीस का पूरा वर्गीकरण देने, स्कॉलरशिप के लिए विस्तृत शुल्क विवरण उपलब्ध कराने और संबद्ध कॉलेजों की बढ़ाई गई फीस का रिफंड जल्द लौटाने का भी मुद्दा उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए केंद्रीय कार्यालय में उचित बैठने की व्यवस्था और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने की मांग की। परिसरों में ई-मित्र केंद्र, कैंटीन, खेल मैदान में सिंथेटिक ट्रैक, चेंजिंग रूम और भीषण गर्मी को देखते हुए पीएम ऊषा योजना के तहत कूलर या डक्ट लगवाने की मांग रखी गई।

सुरक्षा के लिहाज से परिसर के मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग करने और विशेषकर महिला छात्रावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रात्रिकालीन गश्त शुरू करने व छात्रावासों में सीटें बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्लेसमेंट एजेंसी के तहत कार्यरत कुशल, अर्द्धकुशल एवं सुरक्षाकर्मियों की सूची सार्वजनिक कर पारदर्शिता लाने की भी बात कही गई।

इसके अलावा, विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए आदर्श ग्राम नांदड़ा कल्ला में वर्ष 2015 में निर्मित 20 आवासीय भूखंडों के फंड उपयोग की निष्पक्ष जांच करवाने और पेंशनर्स की समस्याओं का स्थायी समाधान कर उनकी पेंशन का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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