पांच लाख परिवारों तक पहुंचेगा ‘आपणो जयपुर-हरित संगम’: पूर्वजों की स्मृति में लगेंगे पौधे

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पांच लाख परिवारों तक पहुंचेगा ‘आपणो जयपुर-हरित संगम’: पूर्वजों की स्मृति में लगेंगे पौधे


जयपुर, 01 अक्टूबर (हि.स.)। शहर को केवल सड़कों, इमारतों और सफाई व्यवस्था से सुंदर बनाने के बजाय नागरिकों की आदत और सोच में शहर के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने के उद्देश्य से ‘आपणो जयपुर-हरित संगम’ अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान का शुभारंभ 2 अक्टूबर को जवाहर सर्किल स्थित पत्रिका गेट पर ‘एक पेड़ पूर्वजों के नाम’ कार्यक्रम से होगा। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी कार्यक्रम की मुख्य अतिथि होंगी। सांसद मंजू शर्मा विशिष्ट अतिथि और महापौर सुनील कोठारी अध्यक्षता करेंगे। अभियान के तहत पूर्वजों की स्मृति में पौधारोपण किया जाएगा।

फिक्की फ्लो की महिला अध्यक्ष नीता बूचरा के अनुसार यह आगामी 10 वर्षों की सामाजिक यात्रा की शुरुआत होगी। अभियान में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, संस्कार, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी को जयपुरवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने पर जोर रहेगा।

अभियान की शुरुआत छोटे-छोटे सामाजिक प्रयासों से हुई है। घरों में पौधारोपण, कचरा अलग करना, मोहल्लों की सफाई तथा मंदिर, श्मशान और सामुदायिक केंद्रों के संरक्षण जैसी गतिविधियों से करीब एक हजार समूह जुड़ चुके हैं। प्रत्येक समूह में करीब 15 से 20 घर शामिल हैं। अगले तीन माह में 50 हजार घरों को सीधे अभियान से जोड़ने और जनजागरण के माध्यम से करीब पांच लाख परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

अभियान में महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर रहेगा। पहले चरण में एक हजार समूहों की महिलाओं को गीले कचरे से खाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ये महिलाएं अपने-अपने मोहल्लों में अन्य महिलाओं को घरेलू स्तर पर जैविक कचरे के उपयोग और खाद बनाने की जानकारी देंगी। हर घर में कम से कम तीन पौधे लगाने और उनके संरक्षण के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाएगा।

जयपुर की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पारंपरिक लोकगीतों को सामाजिक आयोजनों से जोड़ने की पहल होगी। तीज, गणगौर, नवरात्र और होली सहित विभिन्न अवसरों पर महिलाओं की टोलियों को लोकगीतों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ मंदिरों, श्मशानों और सामुदायिक केंद्रों के संरक्षण तथा सरकारी स्कूलों और अस्पतालों को सामाजिक सहयोग से बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

योग, खेल प्रतियोगिताओं और व्यायाम के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाएगा। ‘मोबाइल फास्टिंग’ के जरिए कुछ समय मोबाइल से दूरी बनाकर परिवार के साथ संवाद बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा। स्कूली बच्चों और युवाओं को अभियान की अग्रिम पंक्ति में रखा जाएगा। प्लास्टिक, नशे और भिक्षावृत्ति के खिलाफ जनजागरण के साथ महिलाओं में सुरक्षा और सामाजिक सहभागिता की भावना बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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