भाजपा ने देश को महंगाई की आग में झोंका, युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं- लाम्बा



जयपुर, 25 जनवरी (हि.स.)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) प्रवक्ता व पूर्व विधायक अलका लाम्बा ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज भारत को हर स्तर पर तोड़ा जा रहा है। देश के संसाधनों का रुख मुट्ठी भर लोगों की ओर मोड़ा जा रहा है। केंद्र की भाजपा सरकार विश्व के सबसे युवा देश के युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं दे पाई, देश के प्रत्येक परिवार को महंगाई की आग में झोंक दिया। देश को नफरत, निराशा के दलदल में धकेला है।

लाम्बा बुधवार को जयपुर प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से चर्चा कर रही थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं। यात्रा में लाखों-करोड़ों लोग पैदल चल रहे हैं। कन्याकुमारी से शुरू हुई यह पदयात्रा अब जम्मू पहुंच गई है और 3 हजार 900 किलोमीटर लम्बी यात्रा का आज 131वां दिन है। लाम्बा ने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी इस 'भारत जोड़ो' अभियान को और अधिक व्यापकता प्रदान करने के लिए समूचे देश में 26 जनवरी से 26 मार्च तक एक जनसंवाद कार्यक्रम 'हाथ से हाथ जोड़ो अभियान' चलाएगी जिसका नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां करेंगी। अभियान के तहत भारत के 6 लाख गांवों, 2.50 लाख ग्राम पंचायतों और 10 लाख मतदान बूथों तक पहुंचकर राहुल गांधी का संदेश हर घर तक पहुुंचाया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार जब से सत्ता में आई है, महंगाई से देश के नागरिकों की कमर टूटती जा रही है। 2014 में जो गैस का सिलेंडर 410 रुपये का था, आज वह 1,050 रुपये के पार है। पेट्रोल के दाम 70 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो गए हैं जबकि डीजल के दाम 55 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 90 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गए हैं। खाने के तेल और दाल की कीमत 70 रुपये और 60 रुपये प्रति किलो थी, वह 200 रुपये प्रति किलो को पार कर गई है। इतना ही नहीं, बीते दिनों जीएसटी की बर्बर मार से दही, पनीर, लस्सी, आटा, सूखा सोयाबीन, मटर व मुरमुरे भी बच नहीं सके, उन पर भी 5 फीसदी जीएसटी लगा दिया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार घट रही हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें केंद्र सरकार कम नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी दावा करते हुए कहा कि हाल ही में आई 'ऑक्सफैम' की रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के 5 प्रतिशत अमीर लोगों के पास देश की 60 प्रतिशत से ज्यादा संपत्ति है और नीचे के 50 प्रतिशत लोगों के पास देश की मात्र 3 प्रतिशत संपत्ति। विडंबना यह है कि नीचे के इन 50 प्रतिशत लोगों की जीएसटी में हिस्सेदारी 64 प्रतिशत है और ऊपर के 10 प्रतिशत लोगों की जीएसटी में हिस्सेदारी केवल 3 प्रतिशत है जबकि उनके पास देश की 70-80 प्रतिशत संपत्ति है।

हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/ ईश्वर

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