कानूनी लड़ाई लड़कर भी सरकार ने जारी रखा पदोन्नति में आरक्षण : मुख्यमंत्री

कानूनी लड़ाई लड़कर भी सरकार ने जारी रखा पदोन्नति में आरक्षण : मुख्यमंत्री


कानूनी लड़ाई लड़कर भी सरकार ने जारी रखा पदोन्नति में आरक्षण : मुख्यमंत्री


जयपुर, 25 नवंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अंधेरमय रहता है। समाज के उत्थान में शिक्षकों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। डाॅ. अम्बेडकर ने भी समाज को संगठित रहो, शिक्षित बनो, संघर्ष करो का नारा दिया था। गहलोत शुक्रवार को जयपुर में राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी और डाॅ. अम्बेडकर के जीवन संघर्षों से समाज को प्रेरणा मिलती है। दक्षिण अफ्रीका में नस्लभेद झेलने के बाद गांधीजी ने सत्य और अंहिसा के बल पर देश को आजादी दिलाई। समाज में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का कल्याण गांधी जी का ध्येय था। डाॅ. अम्बेडकर ने विभिन्न सामाजिक भेदभावों का सामना कर शिक्षा हासिल की और देश के संविधान की रचना की। आज देश के लिए डाॅ. अम्बेडकर के योगदानों को सभी राजनीतिक दलों के द्वारा स्वीकार किया गया है।

गहलोत ने कहा कि आज पूरे देश में पदोन्नति में आरक्षण देने वाला राजस्थान एकमात्र राज्य है। विभिन्न कठिनाइयों का सामना करते हुए और लम्बी कानूनी लड़ाई लड़कर राजस्थान सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण जारी रखा है ताकि वंचित तबके के कार्मिकों को पदोन्नत होने के अवसर मिलें और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनियाभर के देशों में भारत के संविधान की एक अलग पहचान है। डाॅ. अम्बेडकर ने संविधान में सभी देशवासियों के लिए समानता का अधिकार निहित किया। महिलाओं को संविधान लागू होने के साथ ही मतदान का अधिकार मिला, जबकि अन्य लोकतंत्रों में इसमें काफी समय लगा। संविधान से ऐतिहासिक रूप से पिछड़े वर्गाें को आरक्षण का अधिकार मिला। उन्होंने कहा कि छूआछूत जो मानवता के नाम पर एक कलंक है, जैसी बुराई को संविधान में अपराध घोषित किया गया। आज 75 साल बाद भी देश में संवैधानिक व्यवस्था कायम है। ये हमारे देश में लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है।

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में उठाए गए कदमों से प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से आज प्रदेश सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।

आपदा प्रबंधन मंत्री गोविन्दराम मेघवाल ने कहा कि देश के बच्चों के शिक्षित होने पर ही देश की प्रगति संभव है। शिक्षकों का दायित्व है कि बच्चों को शिक्षित बनाएं एवं उन्हें अच्छे संस्कार दें। इस मौके पर सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजनलाल जाटव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली, विधायक रूपाराम मेघवाल, राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप

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