बीकानेर स्थापना दिवस पर सजेगा इतिहास का खजाना

WhatsApp Channel Join Now
बीकानेर स्थापना दिवस पर सजेगा इतिहास का खजाना


बीकानेर, 12 अप्रैल (हि.स.)। बीकानेर नगर के 539वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन, नगर निगम, बीकानेर विकास प्राधिकरण और राव बीकाजी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में 15 से 17 अप्रैल तक महारानी सुदर्शना कुमारी कला दीर्घा में एंटीक वस्तुओं की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी का शुभारंभ 15 अप्रैल को प्रातः 11 बजे होगा तथा यह प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 8 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी।

प्रदर्शनी संयोजक अजीज भुट्टा ने बताया कि इस अनूठी प्रदर्शनी में संग्रहकर्ता किशन लाल सोनी द्वारा संकलित बीकानेर स्टेट काल की दुर्लभ एवं ऐतिहासिक वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शनी शहरवासियों को अपने गौरवशाली अतीत से रूबरू कराने का एक विशेष अवसर होगी। प्रदर्शनी में बीकानेर स्टेट के प्राचीन सिक्के, मेडल, द्वितीय विश्व युद्ध काल के गत्ते के सिक्के, गोल्डन जुबली काल की ताश और बोतल, स्टेट आर्मी के कोर्ट बटन, साइकिल लाइसेंस, पुराने समाचार पत्र, स्टांप पेपर, डाक टिकट, बही-खाते, अभिनंदन पत्र, राजपत्र और लेटर पैड प्रदर्शित किए जाएंगे।

इसके अलावा महाराजा गंगा सिंह के हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज, 1937 के गोल्डन जुबली काल की दुर्लभ पुस्तकें, महाराजाओं की पुरानी कैमरा फोटोग्राफी, बैंक दस्तावेज, गंगा थिएटर के टिकट एवं पोस्टर, तनख्वाह बिल पुस्तिकाएं, हुंडी, महाराजा करणी सिंह के विवाह का एल्बम, उनका अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट तथा महाराजा गंगा सिंह की हस्तलिखित जन्म कुंडली भी प्रदर्शनी का आकर्षण रहेंगी।

इनके साथ ही 1897 से 1942 तक के शिकारों की विवरण पुस्तिकाएं, स्टेट एक्ट फाइल्स, लोहे के बाट, पोस्टकार्ड, रेलवे टिकट, डूंगर कॉलेज की ऐतिहासिक पुस्तकें तथा प्रथम विश्व युद्ध के समय महाराजा गंगासिंह की भूमिका से जुड़े समाचार पत्र भी प्रदर्शित किए जाएंगे। प्रदर्शनी के सह संयोजक डॉ. मोहम्मद फारूक चौहान ने बताया कि इस संग्रह में सन 1700 से लेकर आजादी तक के बीकानेर स्टेट से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज, पुस्तकें, सिक्के और दुर्लभ सामग्री शामिल है, जो इतिहास प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।

बीकानेर स्थापना दिवस के अवसर पर गत वर्ष दुर्लभ रेडियो की प्रदर्शनी लगाई गई थी। जिसमें दिनेश माथुर द्वारा संकलित ढाई सौ से अधिक रेडियो प्रदर्शित किए गए थे। इससे पूर्व दुर्लभ कैमरों की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसे भी शहर वासियों ने खूब सराहा था।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

Share this story