32 मीटर चौड़ा होगा करतापुरा नाला, 125 करोड़ रुपये की लागत से बदलेगा स्वरूप

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32 मीटर चौड़ा होगा करतापुरा नाला, 125 करोड़ रुपये की लागत से बदलेगा स्वरूप


जयपुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण करतारपुरा नाले की काया बदलने की दिशा में जल्द काम शुरू करने जा रहा है। कोर्ट के निर्देश के बाद नाले को पक्का करने को लेकर जल्द ही टेंडर सहित अन्य प्रक्रियाएं शुरू की जाएगी। करतारपुरा नाले को पक्का करने पर करीब 125 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिछले दिनों उच्च न्यायालय के निर्देश पर जेडीए ने करतारपुरा नाले का सर्वे करवा कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया गया। उच्च न्यायालय ने पूरी रिपोर्ट देखने के बाद करतापुरा नाले की मरम्‍मत कर चौडा करने के निर्देश दिए है।

गौरतलब है कि करतारपुरा नाले के कच्चे भाग को पक्का करने एवं चौड़ाईकरण को लेकर उच्च न्यायालय में पीआईएल लंबित थी। इस क्रम में जेडीए ने एमएनआईटी से बहाव के संबंध में हाईड्रोलिक डिजाइन सर्वे प्राप्त कर लिया गया है तथा नाले को पक्का करने के लिए एस्टीमेट और ड्रोन सर्वे के लिए कंसल्टेंसी का चयन करने के उपरांत विस्तृत रिपोर्ट की गई, रिपोर्ट को उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

जेडीए जाेन-सी के एक्सईएन शाेयब खान ने बताया कि काेर्ट ने नाले काे पक्का करने के निर्देश दिए है। इसे 32 मीटर चाैडा किया जाएगा। इसके लिए जल्द टेंडर सहित अन्य प्रक्रियाएं शुरू की जाएगी।

जेडीए ने पूर्व में करतारपुरा नाले को 50 मीटर चौड़ा बनाने की योजना तय की थी, लेकिन सर्वे में बड़ी संख्या में मकान प्रभावित हो रहे थे। सर्वे के बाद आमजन द्वारा कड़ा विरोध दर्ज करवाया गया। इस पर तत्कालीन सिविल लाइंस विधायक प्रतापसिंह खाचरियावास ने पूरे मुद्दे को विधानसभा में उठाया था। इसके बाद नए सिरे से सर्वे करवाया गया ताकि कम से कम लोग प्रभावित हो। नए सर्वे के बाद करतारपुरा नाले की चौडाई 32.6 मीटर करना तय किया गया। प्राइवेट लैंड पर बह रहा नाला वर्तमान में करतारपुरा नाला प्राइवेट लैंड पर बह रहा है, उसकी चौड़ाई निर्धारित करने में निजी खातेदार अड़चन पैदा कर थे। इसी के चलते जेडीए लम्बे समय से नाले की जमीन खोजने में लगा है, लेकिन उसे इसमें सफलता नहीं मिल पा रही है। लेकिन अब कोर्ट के निर्देश मिलने के बाद नाले को पक्का करने का रास्ता साफ हो गया। वजह साफ है कि नाले ने अपना रुख 1981 की बाढ में बदला था। उससे पहले नाला कहां पर बह रहा था उसका रिकॉर्ड रेवेन्यू विभाग के पास भी नहीं मिल पा रहा है। 4.8 किमी लम्बे नाले में से करीब 5-6 स्थानों पर यह नाला प्राइवेट लैण्ड पर बह रहा है। इसी वजह से लगातार उसे अतिक्रमण मुक्त करवाने और सफाई के काम में अडचन आ रही थी।

उल्‍लेखनीय है कि जेडीए अब 4.8 किलोमीटर करतारपुरा नाले की साफ-सफाई और डिमार्केशन का काम करवाएगा। करतारपुरा नाला जयपुर-सवाईमाधोपुर रेलवे लाइन से शिप्रापथ तक बहता है। वर्तमान में यह नाला करीब 10 से 25 फीट की गहराई में बह रहा है। पूर्व में भी जेडीए ने इस नाले की साफ-सफाई सहित अन्य काम करवाए थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

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