राजस्थान के राजमेस नर्सिंग कॉलेजों में 239 संविदा नर्सिंग ट्यूटर नियुक्त, 10 मेडिकल सोशल वर्कर को भी मिली जिम्मेदारी
जयपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में नर्सिंग शिक्षा और चिकित्सा प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) की ओर से प्रदेश के राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में 239 संविदा नर्सिंग ट्यूटर के नियुक्ति एवं पदस्थापन आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही राजमेस के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 10 संविदा मेडिकल सोशल वर्कर की नियुक्ति के आदेश भी जारी किए गए हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। नर्सिंग कॉलेजों में ट्यूटर की उपलब्धता बढ़ने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक और प्रायोगिक प्रशिक्षण मिल सकेगा। इससे नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता को और मजबूती मिलेगी तथा भविष्य के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने को लेकर प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। नर्सिंग ट्यूटर की नियुक्तियों को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजमेस की ओर से नियुक्त किए गए 239 संविदा नर्सिंग ट्यूटर को जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, सीकर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, कोटा, नागौर, उदयपुर, झुंझुनूं, भरतपुर, जैसलमेर, सिरोही, भीलवाड़ा, निम्बाहेड़ा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और करौली सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में पदस्थापित किया गया है।
इन नियुक्तियों से संबंधित संस्थानों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण के लिए भी पर्याप्त शैक्षणिक सहयोग मिलने की उम्मीद है।
चिकित्सा शिक्षा के आयुक्त बाबूलाल गोयल ने बताया कि राजमेस की ओर से संविदा मेडिकल सोशल वर्कर के पद पर 10 अभ्यर्थियों की नियुक्ति के आदेश भी जारी किए गए हैं। चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों में पदस्थापित किया गया है। इनमें करौली, सवाई माधोपुर, पाली, नागौर, भरतपुर, सीकर, झुंझुनूं, बारां, सिरोही और दौसा के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
सभी चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित मेडिकल कॉलेजों में 1 सितंबर 2026 तक कार्यभार ग्रहण करना होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

