भीषण गर्मी में धधकती धूणियों के बीच 21 दिन तक तप

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भीषण गर्मी में धधकती धूणियों के बीच 21 दिन तक तप


उदयपुर, 24 अप्रैल (हि.स.)। उदयपुर जिले के भींडर क्षेत्र स्थित डेरावड़ के श्री रूपनाथ मठ में भीषण गर्मी के बीच आस्था, तप और साधना का अनूठा दृश्य देखने को मिला। यहां महंत योगी प्रेमनाथ महाराज ने 21 दिनों तक नव धूणी अग्नि तपस्या कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया। प्रचंड धूप और चारों ओर धधकती अग्नियों के बीच की गई इस साधना को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ पहुंचे।

मठ में यह विशेष तपस्या 3 अप्रैल 2026 से शुरू होकर लगातार 21 दिनों तक चली। महंत योगी प्रेमनाथ महाराज प्रतिदिन दोपहर 12 से 2 बजे के बीच, जब सूर्य की तपिश चरम पर होती है, तब नौ धधकती धूणियों के बीच बैठकर गहन ध्यान और योग साधना करते थे। इस दौरान तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता था, फिर भी वे तपस्या में लीन रहे। इस दृश्य ने श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और श्रद्धा का भाव पैदा किया।

21 दिवसीय नव धूणी अग्नि तपस्या के समापन अवसर पर हिंगलाज माता की विधिवत आरती, हवन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे पूरा मठ परिसर भक्तिमय हो उठा। हवन में पूर्णाहुति के बाद शिष्यों ने गुरुदेव का पूजन किया और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर गोगुन्दा से दौलत गिरि महाराज, धूणी माता कुंडाल से डालू दास महाराज और राजसमंद से पागल नाथ महाराज सहित कई संत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देवेन्द्र सिंह शक्तावत भी मौजूद रहे।

मठ कार्यकारिणी के अनुसार नव धूणी अग्नि तपस्या पंच तत्व अग्नि, जल, पृथ्वी, आकाश और वायु को साक्षी मानकर की जाती है। इसमें नौ दिशाओं में अग्नि कुंड स्थापित कर साधना की जाती है। यह तपस्या जनकल्याण, विश्व शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रसार की भावना से आयोजित की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

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