हिन्दू सम्मेलन की तैयारियों में उत्साह: प्रभात फेरी और बैठकों के माध्यम से जागरूकता अभियान हुआ तेज

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हिन्दू सम्मेलन की तैयारियों में उत्साह: प्रभात फेरी और बैठकों के माध्यम से जागरूकता अभियान हुआ तेज


जयपुर, 17 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में लगभग एक लाख हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सांगानेर महानगर क्षेत्र की 48 बस्तियों के 48 स्थानों पर सम्मेलन प्रस्तावित हैं। जिनमें प्रताप नगर प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।

कार्यक्रम के संयोजक रवीन्द्र शर्मा ने बताया कि प्रताप नगर क्षेत्र में कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने के लिए गठित सभी टीमें योजनाबद्ध ढंग से कार्यों को सफल बनाने की तैयारी में जुट गई है तथा आवश्यक समन्वय लगातार जारी है।

रविन्द्र शर्मा ने बताया कि प्रातःकाल घर–घर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है तथा बंबाला बस्ती में प्रभात फेरी निकाली गई। इस फेरी में कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान के दौरान सूचना-पत्र वितरित किए गए और महिलाओं को आगामी कलश यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। भजनों और संदेशों के माध्यम से क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण निर्मित किया गया।

गोविन्द नगर में संघ चालक इंद्रमल दानोदिया, विभाग सह–कार्यवाह उत्तम, प्रताप नगर डेवलपमेंट समिति के अध्यक्ष बलबीर तथा महिला मंडल अध्यक्ष जयश्री के निर्देशन में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, दायित्व-वितरण, जनसंपर्क गतिविधियों और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस बैठक में कोषाध्यक्ष ब्रजमोहन, कैश प्रभारी, प्रचार प्रमुख मनीष, अतुल, सचिव कुलदीप तथा कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र, घनश्याम, हरिओम, अशोक, इंद्रकुमार, सतीश और राकेश, पंकज उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम में घुमंतू प्रांत संयोजक महेंद्र राजावत तथा ओजस्वी वक्ता पूज्य साध्वी समदर्शी गिरी जी महाराज के प्रवचन प्रस्तावित हैं। उनके उद्बोधनों से उपस्थित जनसमूह को प्रेरणादायक और मार्गदर्शक विचार प्राप्त होने की अपेक्षा है। वक्ता सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों और नैतिक दायित्वों के प्रति नागरिकों में जागरूकता एवं सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करने पर बल देंगे, जिससे समाज में सांस्कृतिक चेतना और सेवाभाव और अधिक सुदृढ़ हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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