हर्षानंद महोत्सव 14 नवंबर से : मनोरथ दर्शन, शोभायात्रा और फूलों की होली के होंगे आयोजन, देशभर से जुटेंगे श्रद्धालु
बीकानेर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। शहर के दम्माणी चौक स्थित मदन मोहन मंदिर में 'श्री मदन मोहन लाल प्यारे सेवा' का दो दिवसीय 170वां हर्षानंद महोत्सव 14 और 15 नवंबर को मनाया जाएगा। सेवाभावी धर्मपरायण स्व. कन्हैयालाल जी दम्माणी परिवार की ओर से अपने आराध्य मदन मोहन लाल प्यारे जी की श्रद्धा में समर्पित इस आलौकिक महोत्सव में विशेष पूजा-अर्चना, भजन, मनोरथ दर्शन, शोभा यात्रा और फूलों की होली जैसे अनेक मनोरथ होंगे।
मदन मोहन लाल प्यारे सेवा परिवार के सदस्य राजेश दम्माणी ने बताया कि महोत्सव में बीकानेर समेत देश-प्रदेश के अनेक शहरों से प्रवासी बंधु और श्रद्धालुजन शामिल होने के लिए बीकानेर पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ 14 नवंबर शनिवार की सुबह 11 बजे दम्माणी चौक स्थित मंदिर में मदन मोहन जी की विशेष पूजा-अर्चना और मनोरथ दर्शन से होगा। शाम 6 बजे लक्ष्मी हेरिटेज में भजन और मनोरथ दर्शन होंगे। इस अवसर पर कोलकाता की भजन गायक पार्टी ध्वनि ग्रुप 'द वॉयस ऑफ मोक्ष' अपनी प्रस्तुतियां देगी। 15 नवंबर, रविवार सुबह 7.30 बजे श्री गणेशम रिसोर्ट में भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें मदन मोहन लाल प्यारे जी के संग फूलों की होली खेली जाएगी। सुबह 10.30 बजे न्यू आरके. ग्रुप की ओर से गणेशम रिसोर्ट में ही विशेष कार्यक्रम 'हरे कृष्ण वेलनेस कार्निवल' और दिव्य मनोरथ दर्शन का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद शाम 6 बजे पूगल रोड स्थित माखन भोग उत्सव कुंज में भजन और मनोरथ के समागम का आयोजन होगा, जिसमें बीकानेर के सखी ग्रुप के कलाकार भजनों की प्रस्तुतियां देंगे।
राजेश दम्माणी ने बताया मदन मोहन लाल प्यारे जी की असीम कृपा से 170 साल से अनवरत चल रही सेवा महोत्सव परंपरा का निर्वहन दम्माणी परिवार की पांचवीं पीढ़ी निभा रही है। परिवार को विरासत में मिली यह सेवा परंपरा केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि मदन मोहन लाल प्यारे जी के प्रति अटूट आस्था, समर्पण और सेवा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 2007 में बीकानेर में 150वीं वर्षगांठ का भव्य आयोजन किया गया था, इसके बाद 155वीं वर्षगांठ कोलकाता और गंगासागर की पावन धरा पर मनाई गई। 160वीं वर्षगांठ कोलकाता और जगन्नाथ पुरी धाम में मनाई गई और 165वीं वर्षगांठ कोलकाता और चंपारण (रायपुर) में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई थी। अब इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 170वीं वर्षगांठ का मुख्य आयोजन एक बार फिर से हमारी धर्मनगरी बीकानेर में किया जा रहा है।
दम्माणी ने बताया कि दम्माणी चौक स्थित मदन मोहन जी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर में प्रतिदिन मंगला, श्रृंगार, राजभोग, उत्थापन भोग, संध्या आरती और शयन के नियमित दर्शन होते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसके अलावा श्री मदन मोहन लाल प्यारे की असीम कृपा से मंदिर में साल भर में लगभग 35 बड़े आलौकिक उत्सव आयोजित किए जाते हैं। इनमें दीपावली का विशेष मनोरथ, होली का फाग उत्सव, जन्माष्टमी का नंदोत्सव, अन्नकूट महोत्सव आदि प्रमुख हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

