श्वसन रोग चिकित्सा क्षेत्र में डॉ. चौधरी को फेलोशिप से नवाजा
जोधपुर, 30 अक्टूबर (हि.स.)। कमला नेहरू वक्ष चिकित्सालय के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. सीआर चौधरी को श्वसन रोग चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट एवं दीर्घकालिक सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक और उपलब्धि हासिल हुई है।
जयपुर के बीएम बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित देश की प्रतिष्ठित 28वीं संयुक्त वार्षिक संगोष्ठी नेपकॉन 2026 के दौरान, नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन एवं इंडियन चेस्ट सोसाइटी द्वारा डॉ. चौधरी को उनके विशिष्ट चिकित्सा योगदान और फेलोशिप से नवाजा गया है।
इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अधिवेशन में डॉ. सीआर चौधरी ने व्यावसायिक फेफड़ों के रोग पर आयोजित संगोष्ठी में एंटीफाइब्रोटिक्स इन न्यूमोकोनिओसिस: इवोल्यूशन ऑर रिवोल्यूशन विषय पर बतौर मुख्य वक्ता अपने महत्वपूर्ण शोध एवं विचार प्रस्तुत किए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने श्वसन रोगों के निदान, उपचार और अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डिजिटल तकनीक की बढ़ती उपयोगिता पर भी विशेष प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार एआई-आधारित टूल्स और डेटा एनालिटिक्स फेफड़ों से जुड़ी जटिल बीमारियों की शुरुआती पहचान, सटीक डायग्नोसिस और मरीजों के बेहतर क्लिनिकल परिणामों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं, जिसे देश भर से आए चिकित्सा विशेषज्ञों ने बेहद सराहा।
चिकित्सा एवं श्वसन विज्ञान के क्षेत्र में उनके समर्पण, अत्याधुनिक तकनीकों के समावेश और जनस्वास्थ्य के प्रति निष्ठा को देखते हुए उन्हें नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन की प्रतिष्ठित फेलोशिप प्रदान की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

