शिक्षक का लक्ष्य राष्ट्र निर्माण के लिए संस्कारवान पीढ़ी तैयार करना: खंडेलवाल
जयपुर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल ने कहा कि शिक्षक का उद्देश्य केवल आजीविका अर्जित करना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए योग्य और संस्कारवान पीढ़ी तैयार करना है। सामाजिकता, कुटुंब प्रबोधन, शिक्षा, पर्यावरण और नागरिक कर्तव्यों से जुड़े पंच-सूत्रों को प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में अपनाना चाहिए।
खंडेलवाल शनिवार को एसएसजी पारीक पीजी कॉलेज ऑफ एजुकेशन में नवागंतुक विद्यार्थियों के स्वागत समारोह ‘आरोहण’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रत्येक शिक्षण संस्था में मासिक व्याख्यानमाला आयोजित करने का सुझाव दिया, जिसमें समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाए।
राज्यपाल के ओएसडी डॉ. कुलदीप मिश्रा ने शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का भाव विकसित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री के ओएसडी गोविंद पारीक ने कहा कि भावी शिक्षकों में ज्ञान के साथ नैतिकता, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता भी आवश्यक है।
एसएससी पारीक कॉलेज कॉलेज एवं शब्द शिक्षण संस्था के सचिव लक्ष्मीकांत पारीक ने विद्यार्थियों से शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। प्राचार्य प्रो. डॉ. प्रमिला दुबे ने कहा कि भावी शिक्षक राष्ट्र की पीढ़ी के निर्माता हैं, इसलिए उनके व्यक्तित्व में विषयगत दक्षता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व भी जरूरी है।
समारोह में महाविद्यालय की पत्रिका ‘पीयूष’ का विमोचन और विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। ‘डांडिया धूम’ में विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुत कर सांस्कृतिक छटा बिखेरी। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। इस दौरान संस्था अध्यक्ष बजरंग लाल पारीक, उपाध्यक्ष नंदकिशोर पारीक और कोषाध्यक्ष बुद्धि प्रकाश पारीक सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

