शिक्षकों को साइबर सुरक्षा के प्रति दक्ष बनाने के लिए छह दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू

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शिक्षकों को साइबर सुरक्षा के प्रति दक्ष बनाने के लिए छह दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू


बीकानेर, 13 जुलाई (हि.स.)। डिजिटल शिक्षा के बढ़ते विस्तार के बीच शिक्षकों और शोधार्थियों को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में दक्ष बनाने के उद्देश्य से बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय (बीटीयू) तथा मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (एमएमटीटीसी), महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू), अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में साइबर सिक्योरिटी इन टीचिंग एंड लर्निंग विषय पर छह दिवसीय ऑनलाइन शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम का सोमवार को शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 से 18 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था तेजी से डिजिटल माध्यमों पर आधारित हो रही है। ऐसे में केवल तकनीक का उपयोग करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों तक सीमित विषय नहीं रह गई है, बल्कि प्रत्येक शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है। शिक्षकों को साइबर खतरों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल शिक्षण वातावरण विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

विशिष्ट अतिथि एवं एमएमटीटीसी, एमडीएसयू, अजमेर के निदेशक प्रो. शिव प्रसाद ने कहा कि मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को बदलते वैश्विक शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप नवीनतम ज्ञान, कौशल और डिजिटल दक्षताओं से सशक्त बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक एवं समसामयिक पहलुओं से परिचित कराएगा तथा शिक्षण एवं शोध कार्यों में सुरक्षित डिजिटल संस्कृति को बढ़ावा देगा।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. मनोज कुड़ी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर के लगभग 180 शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने पंजीकरण कराया है। प्रतिभागी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, केरल, असम, तेलंगाना, ओडिशा, सिक्किम, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और आंध्र प्रदेश सहित 19 राज्यों से जुड़े हैं, जो कार्यक्रम की राष्ट्रीय स्तर पर उपयोगिता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान 24 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी), केंद्रीय विश्वविद्यालयों, बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के 20 विशेषज्ञ एवं संसाधन व्यक्ति व्याख्यान देंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं एथिक्स, डेटा सुरक्षा, साइबर अटैक डिटेक्शन, मोबाइल सिक्योरिटी, स्टैटिक एनालिसिस, जेनरेटिव एआई, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, आरएजी (रिट्रीवल ऑगमेंटेड जेनरेशन), गार्डरेल्स, साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल, साइबर कानून तथा सुरक्षित डिजिटल शिक्षण पद्धतियों जैसे समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

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