वैदिक मान्यताओं व मूल्यों से होगी स्वस्थ राष्ट्र की स्थापना: स्वामी आर्यवेश
जोधपुर, 10 सितम्बर (हि.स.)। आर्य वीर दल जोधपुर के तत्वावधान में आर्य समाज मंडोर में श्रावणी उपाक्रम पर्व का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया।
कार्यक्रम संयोजक शिव प्रकाश सोनी ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश थे। उन्होंने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान मे वैदिक मान्यताओं व मूल्यों को अपनाने की सख्त आवश्यकता हैं। इन विचारों को अपनाकर हीं स्वस्थ राष्ट्र की स्थापना संभव हैं। राष्ट्र की आज़ादी के आंदोलन मे आर्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही हैं।
क्रांतिकारियों ने एक सुन्दर, जातिवाद मुक्त राष्ट्र की कल्पना की थी। समस्त क्रन्तिकारी स्वामी दयानन्द द्वारा प्रतिपादित स्वदेशी राष्ट्र की कल्पना के अनुमोदक थे। राष्ट्र तभी विश्वगुरु बनेगा जब चरित्र महान होगा। सभा को सम्बोधित करते हुए केद्रीय आर्य युवक परिषद के प्रधान स्वामी आदित्यवेश ने आर्य समाज के कार्यकर्ताओं, क्रांतिकारियों का आजादी के आंदोलन मे योगदान का जिक्र करते हुए, भगतसिंह, राजगुरु सुखदेव राम प्रसाद बिस्मिल आदि क्रांतिकारियों के जीवन से परिचित करवाया। कार्यक्रम मे संगठन द्वारा समाज उत्थान मे उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को आर्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान के उपप्रधान नारायण सिंह आर्य, आर्य वीर दल राजस्थान के संरक्षक चांदमल आर्य, प्रांतीय आर्य वीर दल राजस्थान के अध्यक्ष भंवरलाल आर्य, समाजसेवी किशन सिंह गहलोत, जिला मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह भाटी, आर्य वीर दल जोधपुर के अध्यक्ष हरि सिंह आर्य आदि गणमान्य आर्यजन उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ देवयज्ञ का आयोजन कर किया गया, यज्ञ का संचालन पुरोहित चैनाराम आर्य ने किया। कार्यक्रम का संचालन दल के संचालक डॉ लक्ष्मण सिंह आर्य ने किया। अंत में अध्यक्ष हरिसिंह आर्य ने समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

