विश्व प्रकृति दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बीकानेर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व प्रकृति दिवस के अवसर पर महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो . नरसी राम बिश्नोई के मार्गदर्शन में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में परिसर के पर्यावरण एवं स्थानीय जैव विविधता के संरक्षणके लिए बृहद रूप से प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा (अंग्रेजी बबूल) उन्मूलन का अभियान चलाया गया है। पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता को लेकर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार छांगाणी ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित किया।
डॉ. छंगाणी ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल बचत, ऊर्जा संरक्षण, पौधारोपण, जैव विविधता के संरक्षण तथा प्लास्टिक के कम से कम उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना मानव समाज के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है। युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाए तो इसके व्यापक सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
इस दौरान एनसीसी कैडेट्स ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ से संवाद किया तथा प्रकृति एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
विश्व प्रकृति दिवस 3 अक्टूबर को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य प्रकृति के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

