वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम से बदलेगी सीमावर्ती गांवों की तस्वीर

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वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम से बदलेगी सीमावर्ती गांवों की तस्वीर


जयपुर, 27 मई (हि.स.)। राजस्थान के सीमावर्ती गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम-।। के तहत व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की निगरानी में सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, रोजगार सृजन और सामुदायिक विकास को गति दी जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं, बल्कि प्रथम गांव हैं” की सोच को आधार बनाकर राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का नेटवर्क तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री स्वयं योजना की नियमित मॉनिटरिंग कर अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दे रहे हैं।

वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम-।। के तहत राजस्थान के पांच सीमावर्ती जिलों के 184 रणनीतिक गांवों का चयन किया गया है। इनमें श्रीगंगानगर के 68, बीकानेर के 46, बाड़मेर के 36, जैसलमेर के 30 और फलौदी जिले के 4 गांव शामिल हैं।

इन गांवों में सड़क संपर्क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, दूरसंचार, टेलीविजन कनेक्टिविटी, पर्यटन, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन, स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा देने सहित कई विकास कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक रणनीतिक गांव के विकास के लिए प्रतिवर्ष 3 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में चयनित 184 गांवों में से 123 गांवों में 232 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 515 विकास कार्य प्रस्तावित हैं।

इसके अलावा सीमा ब्लॉकों के 3 हजार 195 गांवों में सड़क, दूरसंचार, टीवी कनेक्टिविटी और ऑन-ग्रिड विद्युतीकरण जैसी सुविधाओं की संतृप्ति सुनिश्चित की जाएगी।

योजना के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार, पर्यटन और स्थानीय आजीविका के नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पर्यटन गतिविधियों, प्रशिक्षण शिविरों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से सीमावर्ती समुदायों में विश्वास और सहभागिता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सरकार सोशल मीडिया और सामुदायिक बैठकों के जरिए भी सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों से भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। गांवों के सत्यापन, प्रोफाइल अपडेट, गैप असेसमेंट और ग्राम कार्य योजना की प्रक्रिया वाईब्रेंट विलेज पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।

अब तक राजस्थान के सभी 184 रणनीतिक गांवों का सत्यापन और प्रोफाइल अपडेट पूरा किया जा चुका है। वहीं सीमा ब्लॉकों के 3 हजार से अधिक गांवों का सत्यापन और 2 हजार 558 गांवों का प्रोफाइल अपडेट भी किया जा चुका है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री थार सीमा विकास कार्यक्रम के तहत भी सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार दी है। इस योजना में पांच सीमावर्ती जिलों के 1 हजार 206 गांवों के लिए प्रतिवर्ष 150 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

वर्ष 2025-26 में बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, खेल, पर्यटन और आधारभूत संरचना से जुड़े 137 करोड़ रुपए की लागत के 1 हजार से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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