राज्यपाल बागड़े ने किया वीरांदेवी रामचन्द्र झंवर आदर्श विद्या मंदिर शिक्षण संस्थान का लोकार्पण

WhatsApp Channel Join Now
राज्यपाल बागड़े ने किया वीरांदेवी रामचन्द्र झंवर आदर्श विद्या मंदिर शिक्षण संस्थान का लोकार्पण


बीकानेर, 28 फ़रवरी (हि.स.)। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने शनिवार को नोखा तहसील के सारुंडा गाँव में वीरांदेवी रामचन्द्र झंवर आदर्श विद्या मंदिर शिक्षण संस्थान का लोकार्पण किया। वीरांदेवी रामचन्द्र झंवर चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से इस शिक्षण संस्थान का निर्माण पौने तीन करोड़ की लागत से किया गया है।

इस अवसर पर लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए बागड़े ने कहा कि शिक्षकगण विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा दे जो उनकी बौद्धिक क्षमता को बढ़ाए। केवल पाठ्यपुस्तक ही ना पढ़ाकर अन्य पुस्तकें भी पढ़ाएँ और विभिन्न गतिविधियाँ भी संचालित करें ताकि बच्चों का बौद्धिक विकास हो और उनकी वैचारिक शक्ति भी बढ़े। जो स्कूल ऐसा करेंगे वही सफल होंगे। अन्यथा विधार्थी केवल डिग्री लिए घूमते नज़र आयेंगे। बागड़े ने कौशल विकास बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया।

बागड़े ने कहा कि अंग्रेज़ जब भारत आए तो यहाँ 8 लाख गुरुकुल और स्कूल थे, जिन्हें अंग्रेजों ने बंद करवा दिए। अंग्रेज़ों ने देश को ग़ुलाम बनाने के लिए हमारी शिक्षा पद्धति को बदला और हम 1835 से 2020 तक अंग्रेज़ों की शिक्षा पद्धति को ग्रहण करते आए हैं जिसे 2020 में बदला गया है। शिक्षा पद्धति पहले बदल जाती तो अब तक उसका बहुत प्रभाव नज़र आता।

इससे पूर्व समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल बागड़े का वीरांदेवी रामचन्द्र झंवर चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से साफा पहनाकर और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम, विद्या भारती के गोविंद कुमार, पूर्व संसदीय सचिव कन्हैया लाल झंवर, राज्यपाल के सचिव एवं ज़िले के पूर्व जिला कलेक्टर डॉ . पृथ्वी का भी साफ़ा पहना कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वीरांदेवी रामचन्द्र झंवर चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान ट्रस्टी श्रीनिवास झंवर ने की।

विद्या भारती के गोविन्द कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश भर में विद्या भारती के 13 हज़ार और राजस्थान में कुल 950 स्कूल चल रहे हैं। जहाँ से बड़ी संख्या में असामान्य प्रतिभाएँ निकल कर आई है जो देश भर में विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए देश का नाम रोशन कर रहे हैं। जिसमे थल सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी भी शामिल है।

वीरांदेवी रामचन्द्र झंवर चेरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी सुनील झंवर ने विद्या भारती परिवार का आभार जताया और कहा कि सीमावर्ती गांव सारुंडा जहाँ स्कूल बना है वह तीन ज़िलों से लगता गाँव है यहाँ से जोधपुर, फलौदी और नागौर तीनों जिलों की सीमाएं 15-15 किमी दूर है। साथ ही ट्रस्ट की ओर से जोरावरपुरा में शिशु वाटिका बनाने की घोषणा भी की।

विद्या समिति की उपाध्यक्ष अभिलाषा झंवर ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि जिले में विद्या भारती ने 35 वर्ष पूर्व जो बीज बोया वो अब वटवृक्ष बन चुका है। किरण झंवर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन शिव नारायण झंवर व राजेंद्र सिंह ने किया।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

Share this story