राजस्थान पंचायत चुनाव: कहीं ईवीएम ने रोकी वोटिंग, कहीं मतदान का बहिष्कार

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राजस्थान पंचायत चुनाव: कहीं ईवीएम ने रोकी वोटिंग, कहीं मतदान का बहिष्कार


जयपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण में मंगलवार को मतदान के दौरान कहीं लोकतंत्र के पर्व में मतदाताओं का उत्साह नजर आया तो कहीं अपनी मांगों को लेकर ग्रामीणों ने मतदान से दूरी बना ली। पंचायत परिसीमन के विरोध में दौसा के तीन गांवों सहित भरतपुर, डीडवाना-कुचामन और करौली के कुछ गांवों में मतदान का बहिष्कार किया गया। वहीं, श्रीगंगानगर, बीकानेर, धौलपुर, भरतपुर और सीकर समेत कई जिलों में इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों में खराबी के कारण मतदान प्रक्रिया बाधित हुई। चुनावी ड्यूटी के दौरान चूरू में एक हेड कांस्टेबल की हार्ट अटैक से मौत होने की घटना ने भी सभी को झकझोर दिया।सुबह दस बजे तक 10.89 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

तीसरे चरण में 27 जिला परिषदों के 377 वार्डों और 116 पंचायत समितियों के 2,119 वार्डों में मतदान कराया जा रहा है। जिला परिषद सदस्य पद के लिए 1,305 और पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 7,789 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। दौसा जिले के देहलाल, हरपट्टी और आमटेडा गांव के वार्ड संख्या सात में ग्रामीणों ने परिसीमन के विरोध में मतदान का बहिष्कार किया। डीडवाना-कुचामन जिले के परबतसर क्षेत्र के डारापुरा गांव में भी ग्रामीण वोट डालने नहीं पहुंचे। ग्रामीणों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि गांव को रुणिजा ग्राम पंचायत से हटाकर करीब 12 किलोमीटर दूर खिदरपुरा पंचायत में शामिल कर दिया गया।

भरतपुर जिले की बयाना पंचायत समिति के नगला सिंघाडा गांव में भी ग्रामीणों ने मतदान से दूरी बनाई। ग्रामीण चाहते हैं कि गांव को फिर से सिंघाडा ग्राम पंचायत में शामिल किया जाए या अलग ग्राम पंचायत बनाया जाए। परिसीमन के बाद गांव को लगभग चार किलोमीटर दूर बंगसपुरा पंचायत में जोड़ने से ग्रामीण नाराज हैं।

करौली जिले में ग्राम पंचायत बनाने की मांग को लेकर रीठौली गांव के ग्रामीणों का विरोध सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। टोडूपुरा गांव के मतदान केंद्र संख्या 32 पर रीठौली गांव के वार्ड चार, पांच और छह के कुल 1,057 मतदाताओं में से किसी ने भी मतदान नहीं किया।

वहीं, पास के मतदान केंद्र संख्या 31 पर वार्ड तीन के 331 मतदाताओं ने भी वोट नहीं डाला। इस तरह कुल 1,388 मतदाता मतदान से दूर रहे। ग्रामीणों के अनुसार, रीठौली को अलग ग्राम पंचायत बनाने की मांग करीब 20 से 25 वर्षों से उठाई जा रही है।

मतदान के दौरान कई जगह ईवीएम में तकनीकी खराबी सामने आई। श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ क्षेत्र के भैरूपुरा सीलवानी गांव में बूथ संख्या 68 पर मशीन खराब होने के कारण करीब एक घंटा 50 मिनट की देरी से मतदान शुरू हुआ। धौलपुर के एक मतदान केंद्र पर लगभग एक घंटे तक वोटिंग रुकी रही, जबकि सीकर के हर्ष गांव में दो बूथों पर मशीनों में खराबी के कारण करीब 40 मिनट मतदान बाधित हुआ।

बीकानेर जिले के लूणकरणसर में पांच बूथों पर ईवीएम खराब होने की सूचना मिली। बाद में कुछ मशीनों को दुरुस्त कर मतदान शुरू कराया गया, जबकि दो बूथों पर मशीनों की समस्या बनी हुई थी। दौसा के निहालपुरा गांव में भी ईवीएम की तकनीकी खराबी के चलते मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई। मशीनों में आई खराबी से कई स्थानों पर मतदाताओं को कतारों में इंतजार करना पड़ा।

चूरू जिले की राजगढ़ पंचायत समिति के ढंढाल लेखु गांव में चुनावी ड्यूटी के दौरान हेड कांस्टेबल भंवरलाल कुंडलिया की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे राजगढ़ थाने में यातायात पुलिस प्रभारी के पद पर कार्यरत थे और चुनाव ड्यूटी पर तैनात थे। सोमवार रात भोजन करने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें राजगढ़ के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से पुलिस महकमे में शोक का माहौल है।

विरोध और तकनीकी बाधाओं के बीच कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना में 82 वर्षीय फूलीदेवी सुबह ही परिजनों के साथ मतदान करने पहुंचीं। चूरू के लंबोर गांव और सीकर के हर्ष गांव में भी मतदाता कतारों में नजर आए। कई क्षेत्रों में युवा मतदाताओं ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

Livevns.news Desk
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