मिडिल ईस्ट संकट के बीच बढ़े हवाई किराये पर पूर्व सीएम ने जताई चिंता
जयपुर, 08 मार्च (हि.स.)। मध्य पूर्व में जारी युद्ध और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किरायों में हो रही भारी बढ़ोतरी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिंता जताई है।
उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार से हवाई किरायों पर अधिकतम सीमा (प्राइस कैप) निर्धारित करने की मांग की है।
गहलोत ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और अस्थिरता के कारण कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर हवाई किराये सामान्य से तीन से चार गुना तक बढ़ गए हैं। इससे विदेशों में फंसे भारतीयों, विशेषकर छात्रों और कामगारों के लिए भारत लौटना मुश्किल हो गया है। वहीं भारत आए प्रवासी भारतीयों को भी अपने कार्यस्थलों और शिक्षण संस्थानों तक वापस पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय में अपने पूर्व अनुभवों के आधार पर उनका मानना है कि संकट की घड़ी में आमजन को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे समय में हवाई किरायों में अत्यधिक बढ़ोतरी लोगों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अपील करते हुए कहा कि एयरलाइंस कंपनियों के साथ मिलकर तत्काल हस्तक्षेप किया जाए और किरायों पर अधिकतम सीमा तय की जाए।
उन्होंने कहा कि आपदा या संकट के समय एयरलाइंस द्वारा अतिरिक्त मुनाफा कमाने की अनुमति देना जनहित में नहीं है।
गहलोत ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस कठिन समय में कोई भी भारतीय महंगे हवाई किराये के कारण अपने परिवार, काम या शिक्षा से दूर न रह जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार जल्द ही इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

