भूमिहीन गरीबों को पांच-पांच एकड़ जमीन मिले: अठावले

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भूमिहीन गरीबों को पांच-पांच एकड़ जमीन मिले: अठावले


जयपुर, 03 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले ने राजस्थान सरकार से भूमिहीन गरीब परिवारों को पांच-पांच एकड़ जमीन देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह जल्द ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखेंगे। साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का समर्थन करते हुए कहा कि इससे सभी समुदायों को समान अधिकार मिलेंगे तथा सामाजिक और आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

सोमवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए अठावले ने कहा कि राज्य सरकार को सभी वर्गों के भूमिहीन ग्रामीण परिवारों को पांच-पांच एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की योजना बनानी चाहिए। इसके लिए पहले विशेषज्ञ समिति गठित कर पात्र परिवारों का सर्वे कराया जाए। यदि सरकार के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है तो भूमि खरीदकर भी पात्र लोगों को दी जा सकती है। उन्होंने भूदान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों के पास अधिक भूमि है, वे भी स्वेच्छा से भूमि दान कर गरीबों की सहायता कर सकते हैं।

समान नागरिक संहिता पर उन्होंने कहा कि यूसीसी किसी समुदाय के विरोध में नहीं है। उनके अनुसार इससे समाज में समानता बढ़ेगी और विकास को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों को भी इस दिशा में विचार करना चाहिए।

लोकसभा चुनाव 2029 को लेकर अठावले ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) फिर सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य देखे हैं और आगामी चुनाव में भी एनडीए को सफलता मिलेगी।

राजस्थान में आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों के संबंध में उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) कुछ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और मुख्यमंत्री से भी चर्चा की जाएगी। जहां आवश्यक होगा, वहां पार्टी एनडीए के सहयोगी दल के रूप में भाजपा का समर्थन करेगी।

विभिन्न समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में अठावले ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने संसद की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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