भद्रा रहित शुभ माहौल में मनेगा रक्षाबंधन

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भद्रा रहित शुभ माहौल में मनेगा रक्षाबंधन


जयपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार, 28 अगस्त को विभिन्न मांगलिक योगों के बीच मनाया जाएगा।

वीर तेजाजी धाम के पंडित राजेश कुमार शर्मा के अनुसार 27 अगस्त को पूर्णिमा तिथि के साथ रात 9:52 बजे तक भद्रा रही। इसके बाद शुक्रवार को सूर्योदय भद्रा रहित होने से रक्षासूत्र बांधना शास्त्र सम्मत रहेगा।

28 अगस्त को चंद्रमा कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में रहेगा। सुबह 7:28 बजे के बाद सुकर्मा योग बनेगा, जिसे शुभ कार्यों में सफलता और प्रगति देने वाला माना गया है।

शर्मा के अनुसार राखी बांधने का श्रेष्ठ समय सुबह 5:58 से 9:48 बजे तक रहेगा। इसके बाद दोपहर 12:03 से 12:53 बजे तक भी शुभ मुहूर्त रहेगा।

लाभ चौघड़िया सुबह 7:57 से 9:31 बजे, अमृत 9:31 से 11:05 बजे, शुभ 12:40 से 2:14 बजे, चर शाम 5:22 से 6:57 बजे और लाभ रात 9:48 से 11:14 बजे तक रहेगा। इनमें लाभ और अमृत चौघड़िया को विशेष शुभ माना गया है। राहुकाल सुबह 11:05 से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा।

इस दिन आंशिक चंद्रग्रहण भी होगा, लेकिन भारतीय समयानुसार चंद्रमा क्षितिज से नीचे रहने के कारण यह भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में यहां ग्रहण का सूतक मान्य नहीं होगा और धार्मिक अनुष्ठान सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।

राखी की थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई, फूल और राखी रखें। भाई को शुभ दिशा में बैठाकर पहले रोली का तिलक लगाएं, अक्षत छिड़कें और दाहिनी कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर आरती करें। इसके बाद मिठाई खिलाकर उसके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करें। भाई बहन को उपहार देकर उसके सम्मान और सुरक्षा का संकल्प ले। पूजा में खंडित राखी या अक्षत का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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