बीज प्रमाणीकरण प्रक्रिया को किसान हितैषी बनाने के लिए कई अहम फैसले

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बीज प्रमाणीकरण प्रक्रिया को किसान हितैषी बनाने के लिए कई अहम फैसले


जयपुर, 25 जून (हि.स.)। राजस्थान राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था के संचालन मंडल की 82वीं साधारण बैठक गुरुवार को पंत कृषि भवन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल ने की। बैठक में बीज उत्पादन और प्रमाणीकरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक तथा किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में संस्था के अधिकारियों, विशेषज्ञों और प्रगतिशील कृषक प्रतिनिधियों ने भाग लेकर बीज उत्पादन एवं प्रमाणीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। किसान प्रतिनिधि हंसराज मीणा और रणछोर पाटीदार ने किसानों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया, जिन पर संचालन मंडल ने सकारात्मक निर्णय लिए।

बैठक में तय किया गया कि बीज प्रमाणीकरण के अंतर्गत ग्रो आउट टेस्ट (जीओटी) के लिए बीज नमूनों का संग्रहण निर्धारित वैज्ञानिक एवं विधिवत प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। इससे परीक्षण प्रक्रिया की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

किसानों को प्रमाणीकरण परिणाम समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बीज प्रयोगशाला जांच और जीओटी नमूना परीक्षण को समानांतर रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इससे प्रमाणीकरण प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और किसानों को अपने बीज के विपणन एवं वितरण में सुविधा मिलेगी।

संचालन मंडल ने यह भी निर्णय लिया कि यदि किसी किसान के खेत में अनुमानित उत्पादन से अधिक उपज प्राप्त होती है तो उसे 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त रॉ-बीज इंटेक की अनुमति दी जाएगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन किसानों के लिए लाभकारी होगी जो आधुनिक तकनीकों और बेहतर कृषि प्रबंधन के माध्यम से अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।

बैठक में बीज प्रमाणीकरण के लिए लागू क्रॉप कैलेंडर में आवश्यक संशोधन को भी मंजूरी दी गई। इससे विभिन्न फसलों के बीज समय पर प्रमाणित किए जा सकेंगे और किसानों को बुवाई के मौसम में गुणवत्तायुक्त प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

बैठक को संबोधित करते हुए मंजू राजपाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने तथा बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रमाणीकरण व्यवस्था में किए जा रहे सुधारों से किसानों का विश्वास बढ़ेगा और कृषि क्षेत्र में गुणवत्ता तथा उत्पादकता दोनों में सुधार होगा।

बैठक में शामिल किसान प्रतिनिधियों ने किसान हित में लिए गए निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा कि इन सुधारों से प्रदेश में बीज उत्पादन एवं प्रमाणीकरण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी तथा किसानों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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