बजट में मांगों की अनदेखी के विरोध में सौंपा ज्ञापन
जोधपुर, 15 फरवरी (हि.स.)। भारतीय मजदूर संघ जिला जोधपुर एवं भारतीय जलदाय श्रमिक संघ के तत्वावधान में बजट घोषणाओं में श्रमिकों एवं जलदाय कर्मचारियों की जायज मांगों को शामिल नहीं किए जाने के विरोध में बुधवार को जिला मुख्यालय पर राज्य सरकार के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर जवाहर राम चौधरी को सौंपा गया।
संघ के जिलाध्यक्ष भंवर आंगणवा ने बताया कि बजट पूर्व विभिन्न श्रमिक वर्गों की समस्याओं एवं सुझावों से राज्य सरकार को अवगत कराया गया था, किन्तु बजट में प्रमुख मांगों की अनदेखी से श्रमिकों में निराशा एवं रोष व्याप्त है। ज्ञापन में आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी, सहायिका एवं आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि, ठेका श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये प्रतिमाह व जॉब सुरक्षा, राजस्थान रोडवेज के वेतन-पेंशन का स्थाई समाधान, विद्युत विभाग में निजीकरण पर रोक एवं स्थाई भर्ती, शिक्षा विभाग के कर्मियों का नियमितीकरण तथा विशेष शिक्षकों के लिए न्यूनतम तीस हजार रुपए मानदेय जैसी मांगें प्रमुख रूप से उठाई गईं।
भारतीय जलदाय श्रमिक संघ जोधपुर के जिला महामंत्री मंघाराम कालीराणा ने बताया कि वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा में जलदाय कर्मचारियों की लंबित एवं जायज मांगों को सम्मिलित नहीं किया जाना अत्यंत खेदजनक है। इस संबंध में पुन: मांग पत्र प्रेषित करते हुए आंदोलनात्मक नोटिस जारी किया गया है। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष श्रीपाल सिंह राजपुरोहित, जिला संगठन मंत्री विनोद सोनी, जिला अध्यक्ष बाबूलाल धायल, मूलाराम चौधरी, कोषाध्यक्ष सुखराम चौधरी, मनीष देवड़ा, महेंद्र, पंकज अग्रवाल, राजेंद्र जानू, दिनेश सियाग, नरेश दाधीच, रामगोपाल, सुरेंद्र टाक, राजुलाल मीणा, दिनेश मीणा, रविंदर, कुलदीप सांखला, महेंद्र दाधीच सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

