फीमेल इन्फर्टिलिटी एक महत्वपूर्ण शोध विषय: प्रो. शुक्ल

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फीमेल इन्फर्टिलिटी एक महत्वपूर्ण शोध विषय: प्रो. शुक्ल


आयुर्वेद विवि में एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

जोधपुर, 27 मार्च (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद के स्नातकोत्तर स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र विभाग द्वारा एविडेंस-बेस्ड डिसीज़न्स इन फीमेल फ़र्टिलिटी असेसमेंट एंड मैनेजमेंट विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल ने कहा कि वर्तमान समय में फीमेल इन्फर्टिलिटी एक अत्यंत महत्वपूर्ण शोध विषय बन चुका है और आयुर्वेद के माध्यम से इसके समग्र समाधान की संभावनाएं व्यापक रूप से मौजूद हैं। उन्होंने ऐसी कार्यशालाओं को विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

मुख्य अतिथि प्रोफेसर योगेश चंद मिश्रा ने कहा कि वंध्यत्व संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, ऐसे में इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ भविष्य के चिकित्सकों के लिए ज्ञानवर्धक और आवश्यक हैं। कार्यशाला के मुख्य वक्ता प्रोफेसर भारती कुमारमंगलम रहे। उन्होंने स्त्री वंध्यत्व के आयुर्वेदिक एवं आधुनिक दोनों मतों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विभिन्न प्रकार, कारण, निदान पद्धतियाँ तथा उपचार मॉडल को क्लिनिकल अनुभवों सहित समझाया।

विभागाध्यक्ष प्रो. ए. नीलिमा ने बताया कि कार्यक्रम में डॉ. श्रीराम शर्मा, सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारी, ने गर्भ-स्थापक उपायों एवं अपने दीर्घ अनुभवों को साझा किया। वहीं डॉ. दिव्या शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, ने एंडोमेट्रियोसिस पर विस्तृत एवं प्रभावी व्याख्यान प्रस्तुत किया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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