पुष्य नक्षत्र में प्रथम पूज्य का होगा पुष्य अभिषेक

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पुष्य नक्षत्र में प्रथम पूज्य का होगा पुष्य अभिषेक


जयपुर, 23 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी जयपुर में शुक्रवार को पुष्य नक्षत्र में प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का पुष्याभिषेक किया जाएगा। कहीं दूध से तो कहीं पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। अथर्वशीर्ष मंत्रोच्चार के साथ मोदक अर्पित किए जाएंगे।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर में शुक्रवार को सुबह आठ बजे गणेश जी महाराज का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। जयपुर स्थापना के समय के गढ़ गणेश मंदिर में महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में पुरुषाकृति गणेश जी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। पुष्पों से श्रृंगार कर खीर का भोग लगाया जाएगा।

मंदिर महंत पं.कैलाश शर्मा ने बताया कि अभिषेक में 251 किलो दूध, 21 किलो दही, घी, 21 किलो बूरा, शहद, केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र एवं गुलाब इत्र का उपयोग किया जाएगा। सर्वप्रथम भगवान का गंगाजल, केवड़ा जल एवं गुलाब जल से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद पंचामृत अभिषेक होगा और अंत में गंगाजल से शुद्ध स्नान कराया जाएगा। प्रात: 11 बजे भगवान श्री गणपति सहस्त्रनाम के साथ 1001 मोदक अर्पित किए जाएंगे। पूजन के बाद श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र एवं स्वास्थ्य के लिए हल्दी का प्रसाद वितरित किया जाएगा। शाम 4 बजे भगवान श्री गणेश जी महाराज फूल बंगले में विराजमान होंगे तथा नवीन पोशाक धारण करेंगे। इस अवसर पर भगवान को विशेष भोग के रूप में खीर अर्पित की जाएगी।

इसके अलावा ब्रह्मपुरी स्थित दक्षिणावर्ती नहर के गणेश मंदिर में महंत जय शर्मा के सान्निध्य में गणपति का अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई जाएगी तथा मोदकों का भोग अर्पण किया जाएगा। सूरजपोल बाजार स्थित श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर में गणेशजी का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई जाएगी। चौड़ा रास्ता के काले गणेशजी, दिल्ली बाईपास रोड स्थित आत्माराम गणेश मंदिर, बड़ी चौपड़ स्थित ध्वजाधीश गणेश जी सहित अन्य गणेश मंदिरों में भी पुष्याभिषेक के आयोजन होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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