पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

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पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब


जयपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में पंचायतों के पुनर्गठन से जुड़े मामलों को लेकर राज्य सरकार से 19 जनवरी तक जवाब देने के लिए कहा है। जस्टिस इंद्रजीत सिंह व जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ ने यह आदेश मुन्नालाल शर्मा सहित अन्य की याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए दिए।

इन याचिकाओं में राज्य सरकार की 20 नवंबर 2025 व 28 दिसंबर 2025 को जारी पंचायत पुनर्गठन से संबंधित संशोधित अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई है। याचिकाओं में कहा कि पुनर्गठन की प्रक्रिया में नियमों व दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया है और इससे स्थानीय नागरिकों व पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों की अवहेलना हुई है। ऐसे में पंचायतों की सीमाओं में किए गए बदलावों से प्रशासनिक असुविधा होगी और आमजन को मूलभूत सुविधाओं तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पडेगा। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हनुमान चौधरी, लक्ष्मीकांत मालपुरा और प्रदीप कलवानिया ने अदालत को बताया कि पंचायत पुनर्गठन की प्रक्रिया में जनसुनवाई और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया की अनदेखी कर संशोधित अधिसूचनाएं जल्दबाजी में जारी की हैं। इससे प्रभावित इलाके के आमजन को उनकी आपत्तियां दर्ज कराने का मौका ही नहीं मिला। वहीं राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता कपिल प्रकाश माथुर ने पक्ष रखते हुए कहा कि पंचायतों का पुनर्गठन विधि अनुसार किया गया है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना व स्थानीय शासन को ज्यादा प्रभावी बनाना है। इसलिए याचिकाओं को खारिज किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने राज्य सरकार को अपना जवाब पेश करने को कहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक

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