नगर भ्रमण पर निकले भगवान झूलेलाल

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नगर भ्रमण पर निकले भगवान झूलेलाल


नगर भ्रमण पर निकले भगवान झूलेलाल


नगर भ्रमण पर निकले भगवान झूलेलाल


जयपुर, 20 मार्च (हि.स.)। सिंधी समाज के इष्ट वरुणावतार भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव चेटीचंड के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया । शहर के झूलेलाल मंदिरों में प्रातः काल भगवान झूलेलाल का पंचामृत अभिषेक कर नवीन वस्त्र धारण कराए गए । ऋतु पुष्पों से भगवान का श्रृंगार किया गया। मीठे चावल, छोले और हलवे का भोग लगाया गया। मंदिर के शिखर पर लाल रंग की ध्वजा फहराई गई ।महिलाओं ने हाथ में चावल ,चीनी और जल लेकर अखो प्रार्थना की, झोली फैलाकर विश्व के मंगल कल्याण की पल्लव प्रार्थना से कामना की गई ।सिंधी शहनाई की धुन और ढोल की ताल पर सिंधी लोक नृत्य छेज की प्रस्तुति दी गई। बच्चों के जनेऊ संस्कार व मुंडन संस्कार हुए।

अध्यक्ष नरेंद्र मूलचंदानी और महासचिव प्रमोद नावानी ने बताया कि चौगान स्टेडियम से पूज्य सिंधी पंचायत पुरानी बस्ती के सहयोग से दोपहर 3 बजे शोभायात्रा के शुभारंभ का कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्‍य मंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि चेटीचंड का अर्थ है चैत्र मास का चंद्रमा उन्होंने कहा कि सिंधी समाज न केवल अपनी कर्मठता और ईमानदारी के लिए जाना जाता है बल्कि विभाजन की विभीषिका झेलने के बाद शून्य से शिखर तक अपने परिश्रम से पहुंचा है ।

मुख्यमंत्री ने भगवान श्री झूलेलाल से प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की और सभी को चेटीचंड की बधाई दी । संत मोनू राम जी ने कहा कि सदगुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज की आध्यात्मिक वाणी ,दोहे ,पड़ छंद ,भजन आदि को पाठ्य पुस्तकों में शामिल करना चाहिए । छोटी चौपड़ पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भगवान झूलेलाल की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और आरती की ,उन्होंने सभी को चेटीचंड पर्व की बधाई दी । कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा ,विधायक बाल मुकुंदाचार्य,पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी,पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा सम्मिलित हुए ।

कार्यक्रम संयोजक नंदलाल लालवानी ने बताया कि कन्हैयालाल लखवानी को सिंधी सपूत की उपाधि दी गई। कन्हैया लाल लखवानी पिछले कई वर्षों से कई संस्थाओं से जुड़ कर समाज सेवा का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन चंद्र प्रकाश खेतानी ने किया ।

प्रवक्ता तुलसी संगतानी और झांकी सचिव रमेश हरपलानी ने बताया कि इस बार 51 से अधिक झांकियां निकलीं । राधा कृष्ण की रासलीला की अलौकिक झांकी ने सभी का मन मोहा। नरसिंह अवतार की झांकी ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया । महल में भगवान झूलेलाल, कमल पर भगवान झूलेलाल ,श्वेत अश्व पर भगवान झूलेलाल, बाहुबली हनुमान ,अघोरी की झांकी आकर्षण का केंद्र थी । राजा दाहिर सेन की पुत्रियां सूर्या और परमाल की सजीव झांकी ने सबसे अधिक प्रभावित किया ।इसके साथ ही कई अन्य कलात्मक झांकियां और सजीव झांकियां निकाली गईं। पखवाड़ा सचिव अर्जुन मेहरचंदानी ने बताया कि पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु भजन- कीर्तन करते चल रहे थे । कई पंचायतों की बहिराणा साहब की झांकी को देख श्रद्धालु भाव विभोर हो रहे थे ।

समन्वयक हरीश असरानी और कोषाध्यक्ष दीपक वरंदानी ने बताया कि रास्ते में अनेकों स्वागत द्वार बनाए गए थे, व्यापार मंडलों ने शोभायात्रा का अभूतपूर्व स्वागत किया। बिस्किट ,शरबत ,फल ,सूखे मेवे वितरित किए गए,शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती कंवर नगर स्थित झूलेलाल मंदिर पहुंची जहां कंवर नगर पूज्य पंचायत ने सभी का स्वागत किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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