दो दशक बाद सूखने की कगार पर गड़ीसर झील, सफाई की उठी मांग
जैसलमेर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। जैसलमेर की ऐतिहासिक गड़ीसर झील करीब दो दशक बाद सूखने की स्थिति में पहुंच गई है। इसे देखते हुए झील की गहराई तक सफाई कराने और कैचमेंट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की मांग उठने लगी है। शहर के युवा राधे विमल गोपा ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से इस स्थिति को झील के संरक्षण के अवसर के रूप में लेने की अपील की है। उन्होंने झील को नहर के पानी से भरने के बजाय प्राकृतिक जल प्रवाह बहाल करने और प्रस्तावित ट्यूबवेल की योजना पर विचार करने की मांग की है।
गोपा ने कहा कि वर्ष 2009 के बाद पहली बार झील इस तरह सूखने की स्थिति में है। लगातार दो वर्षों से कम बारिश, आगोर क्षेत्र में अतिक्रमण और जल मार्गों पर कचरा जमा होने से झील का जलस्तर घटा है। उनके अनुसार, पर्यटन की दृष्टि से यह स्थिति चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन झील के संरक्षण और सफाई के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि झील में कीचड़ और दलदल के रूप में बचे पानी को पंप के जरिए निकालकर तल की गाद, प्लास्टिक, पॉलीथिन, शराब की बोतलों और पूजा सामग्री सहित जमा कचरे को हटाया जाए। उनका कहना है कि तल की गहराई तक सफाई होने से लंबे समय से जमा गंदगी निकल सकेगी और झील के स्वास्थ्य में सुधार होगा।
गोपा ने झील में नहर का पानी डालने का विरोध करते हुए कहा कि इससे मछलियों और काई की समस्या बनी रह सकती है। उन्होंने प्राकृतिक जल स्रोतों और जल मार्गों को बहाल करने, कैचमेंट क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा झील में कचरा डालने पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पारंपरिक रूप से गड़ीसर का पानी पेयजल के रूप में इस्तेमाल होता था, जबकि वर्तमान स्थिति में इसकी स्वच्छता पर गंभीर सवाल हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील व्यास ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि गड़ीसर सरोवर से मछलियों को हटाने और तल की गहराई तक सफाई कराने की जरूरत है। वहीं नगर परिषद आयुक्त पवन कुमार ने बताया कि फिलहाल झील को खाली करने के बजाय उसे दोबारा भरने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। मछलियों को पकड़ने की योजना बनाई जा सकती है।
गोपा ने जैसलमेर के नागरिकों और युवाओं से झील के संरक्षण के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि लंबे समय से जमा गाद और कचरे को हटाकर इस ऐतिहासिक धरोहर को स्वच्छ बनाने की जरूरत है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

