तकनीकी शिक्षा के साथ सतत विकास का व्यावहारिक ज्ञान भी आवश्यक: प्रो. राव
एमबीएम यूनिवर्सिटी में आईआईटी बॉम्बे-हनीवेल के सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेट प्रोग्राम पर संवादात्मक सत्र आयोजित
जोधपुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। एमबीएम विश्वविद्यालय में आईआईटी बॉम्बे-हनीवेल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्यूचर स्किल्स एंड इनोवेशन (आईएचसीएफएसआई) के अंतर्गत सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन सस्टेनेबिलिटी पर संवादात्मक एवं जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। सत्र में विद्यार्थियों को सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, हरित कौशल तथा रोजगार एवं नवाचार के उभरते अवसरों से अवगत कराया गया।
आईआईटी बॉम्बे के सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी अल्टरनेटिव्स फॉर रूरल एरियाज (सी-टारा) की प्रो. बकुल राव ने सतत विकास की आवश्यकता और इससे जुड़े कौशल के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय चुनौतियों और संसाधनों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा के साथ सतत विकास का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना आवश्यक है।
आईआईटी बॉम्बे-हनीवेल की टीम ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की गतिविधियों और सर्टिफिकेट प्रोग्राम की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि 40 घंटे के इस ऑनलाइन कार्यक्रम में तीन अनिवार्य एवं दो वैकल्पिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। इनमें सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संसाधन प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी, ग्रीन फाइनेंस, पर्यावरणीय प्रशासन एवं कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी जैसे विषय सम्मिलित हैं। निर्धारित पाठ्यक्रमों एवं मूल्यांकन को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थी आईआईटी बॉम्बे से प्रमाणपत्र प्राप्त करने के पात्र होंगे।
आईएचसीएफएसआई के परियोजना प्रबंधक एवं पीएच.डी. शोधार्थी मेघराज गरड तथा सहायक परियोजना प्रबंधक अनिकेत खेडकर ने पंजीकरण, पाठ्यक्रम संरचना, ऑनलाइन अध्ययन प्रक्रिया और प्रमाणपत्र प्राप्त करने की आवश्यकताओं के बारे में बताया। उन्होंने सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी रिसर्च फेलोशिप, हैकाथॉन, स्टार्टअप एवं उद्यमिता के अवसरों की भी जानकारी दी।
इस अवसर पर एमबीएम विश्वविद्यालय की अभियांत्रिकी एवं वास्तुकला संकाय की अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) जयश्री वाजपेयी ने विद्यार्थियों के कौशल विकास में ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों की उपयोगिता रेखांकित की। कार्यक्रम का आयोजन सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सानू मीणा ने किया। समन्वय में विभाग के सहायक आचार्य इं. उमेश कुमार ने सहयोग दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

