ट्रेन में धुआं उड़ाना पड़ेगा महंगा, अब 2 हजार रुपए पेनल्टी
जोधपुर, 25 जून (हि.स.)। ट्रेन और रेलवे परिसर में धूम्रपान के खिलाफ रेलवे की सख्ती का असर दिखाई देने लगा है। यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को ध्यान में रखते हुए लागू किए गए नए नियमों के बाद जोधपुर मंडल क्षेत्र में ऐसे मामलों में अचानक कमी दर्ज की गई है। बीस जून से बढ़ी हुई दंड व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले पांच दिनों में धूम्रपान करते पकड़े गए 8 यात्रियों से कुल 16 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया। नए दंड प्रावधान 20 जून से प्रभावी किए गए हैं।
रेलवे द्वारा जन विश्वास (संशोधन उपबंध) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की विभिन्न धाराओं में संशोधन किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार ट्रेन के डिब्बों, शौचालय, कॉरिडोर और रेलवे परिसर में धूम्रपान करने पर दो हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
कई मामलों में मौके पर ही दंड वसूली और नियमानुसार कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। रेलवे के अनुसार बढ़ी हुई जुर्माना राशि लागू होने के बाद यात्रियों में जागरूकता और सतर्कता दोनों बढ़ी हैं। पहले जहां ऐसे मामलों की शिकायतें अधिक मिलती थीं, वहीं अब कार्रवाई और निगरानी के कारण उल्लंघन के मामलों में कमी देखी जा रही है। जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि ट्रेन के भीतर धूम्रपान केवल नियम उल्लंघन नहीं बल्कि सुरक्षा का विषय भी है।
बंद कोचों में धुआं अन्य यात्रियों को परेशानी पहुंचाने के साथ आग जैसी घटनाओं का कारण बन सकता है। रेलवे लगातार यात्रियों से रेल परिसरों को धूम्रपान मुक्त बनाए रखने की अपील कर रहा है। नए नियमों की सख्ती से पालना कराई जा रही है। नियमों को प्रभावी बनाने के लिए रेलवे ने निगरानी तंत्र भी मजबूत किया है। स्टेशनों और चयनित रेल परिसरों में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है तथा रेलवे सुरक्षा बल द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। कई मामलों में शिकायत और कैमरा निगरानी के आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

