जयपुर टाइगर फेस्टिवल में बाघ संरक्षण पर मंथन 29 जुलाई को
जयपुर, 25 जुलाई (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर 29 जुलाई को मानसरोवर स्थित दीप स्मृति ऑडिटोरियम में सुबह 8:30 से 10 बजे तक 'बाघ संरक्षण-संवाद' आयोजित किया जाएगा। जयपुर टाइगर फेस्टिवल के तहत होने वाले इस कार्यक्रम में बाघ संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन तथा भारतीय संस्कृति में बाघ और शेर के महत्व पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।
संवाद में प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार, गायक एवं वन्यजीव संरक्षक अभिषेक रे, सरिस्का टाइगर रिजर्व एवं केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के पूर्व फील्ड डायरेक्टर सुनयन शर्मा तथा वन्यजीव फोटोग्राफर आरजू खुराना वक्ता के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का बीज वक्तव्य एवं संचालन साहित्य अकादमी सम्मानित साहित्यकार और स्तंभकार डॉ. राजेश कुमार व्यास करेंगे।
कार्यक्रम संयोजक अरुण नारंग ने बताया कि संवाद में बाघ और शेर की सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्ता के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका पर विशेष चर्चा होगी। वहीं सह-संयोजक शुभम अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य बाघ संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक चेतना के बीच गहरे संबंधों को रेखांकित करते हुए समाज में जन-जागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि यह आयोजन वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। संवाद के दौरान जयपुर टाइगर फेस्टिवल और प्रोजेक्ट टाइगर के माध्यम से बाघों, वनों और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

