गायत्री परिवार चलाएगा नारी जागरण अभियान
जयपुर, 08 अप्रैल (हि.स.)। अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह के पहले चरण के बाद अब संगठन क्रियान्वयन के चरण में प्रवेश कर चुका है। प्रदेशभर में अनुयाज कार्यक्रम, नारी जागरण अभियान, युवा सम्मेलन एवं शिक्षक सम्मेलन के माध्यम से आगामी कार्ययोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में व्यापक गतिविधियां प्रारंभ की जा रही हैं।
गायत्री परिवार प्रमुख शैलबाला पण्ड्या ने राजस्थान के कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि शताब्दी समारोह के दौरान प्राप्त केन्द्रीय मार्गदर्शन को मूर्तरूप देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस ऐतिहासिक आयोजन ने जनमानस पर गहरी छाप छोड़ी है, जिसे स्थायी प्रभाव में परिवर्तित करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं की कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने पूज्यवर के प्रज्ञापुत्र बनकर जो कार्य किया है, वह युग निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। अब प्रदेशभर में चरणबद्ध रूप से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अनुयाज कार्यक्रम, नारी जागरण अभियान, युवा सम्मेलन तथा शिक्षक सम्मेलन प्रमुख रहेंगे। इन आयोजनों के माध्यम से समाज के विविध वर्गों को जोड़ते हुए विचार क्रांति अभियान को गति प्रदान की जाएगी।
गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि केन्द्रीय प्रतिनिधि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सभी जिला एवं उपजोन स्तर पर शीघ्र शताब्दी संकल्प समीक्षा कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इनमें अब तक हुए कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ अनुयाज कार्यक्रमों के क्रियात्मक पक्षों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इनसे प्राप्त सुझावों के आधार पर राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का निर्धारण किया जाएगा।
शांतिकुंज हरिद्वार में गायत्री परिवार राजस्थान जोन के समन्वयक गौरीशंकर सैनी ने बताया कि यह समय केवल उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि संकल्पों को साकार करने का है। प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बने।
इसी क्रम में झोटवाड़ा में आयोजित कार्यकर्ता गोष्ठी में संगठन विस्तार एवं जनजागरण गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। गोष्ठी में जयपुर उप जोन समन्वयक सुशील कुमार शर्मा, गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी के सह व्यवस्थापक मणिशंकर पाटीदार, प्रहलाद शर्मा एवं राजेश शर्मा ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
गोष्ठी के दौरान झोटवाड़ा में नव चेतना केन्द्र स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके पंजीकरण के लिए प्रस्ताव जोनल कार्यालय एवं शांतिकुंज प्रेषित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि चेतना केन्द्र का संचालन वासुदेवपुरी से किया जाएगा। आगामी एक माह में आसपास की कॉलोनियों में 10 मंडलों का गठन किया जाएगा, जिसके लिए आवश्यक फॉर्म वितरित कर दिए गए हैं।
केन्द्र के समन्वय के लिए 11 सदस्यीय समिति के गठन का निर्णय लिया गया। संचालन व्यवस्था के लिए 4 सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसमें योगिता शर्मा, नीतू शर्मा, कामिनी शर्मा एवं विजय लक्ष्मी शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
निर्णय लिया गया कि प्रत्येक गुरुवार को साप्ताहिक गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें केन्द्र की गतिविधियों का संचालन एवं समीक्षा की जाएगी। साथ ही सभी सदस्यों से अंशदान एवं समयदान के फॉर्म भरवाकर उनका सुव्यवस्थित अभिलेखन एवं नियोजन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आसपास के क्षेत्रों में पंच कुंडीय यज्ञों की श्रृंखला प्रारंभ की जाएगी । शताब्दी अनुयाज के अंतर्गत स्थानीय स्तर पर नारी जागरण सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

