केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुण्डावर में सागर जलाशय जीर्णोद्धार कार्य का किया शिलान्यास

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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुण्डावर में सागर जलाशय जीर्णोद्धार कार्य का किया शिलान्यास


केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुण्डावर में सागर जलाशय जीर्णोद्धार कार्य का किया शिलान्यास


खैरथल-तिजारा, 22 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बावड़ी रोड स्थित सागर जलाशय के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास करते हुए कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और पानी को बचाना ही धरती माता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में एक क्रिकेट मैच के दौरान इस क्षेत्र में आने पर उन्होंने यहां के प्राकृतिक वातावरण और संभावनाओं को देखते हुए जल भंडारण क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया था, जिसके परिणामस्वरूप आज इस महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत हो रही है।

उन्होंने कहा कि सागर जलाशय के जीर्णोद्धार से वर्षा जल का स्थायी संग्रहण संभव होगा, जिससे क्षेत्र का भूजल स्तर बढ़ेगा और मुण्डावर सहित आसपास के क्षेत्रों में जल संकट से राहत मिलेगी। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से आह्वान किया कि इस योजना के संरक्षण और बेहतर संचालन के लिए एक समिति का गठन करें तथा जलाशय के आसपास हरियाली बढ़ाने, सड़क किनारे पौधारोपण करने और इस क्षेत्र को एक आदर्श हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

केंद्रीय मंत्री ने अरावली पर्वतमाला के संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अवैध खनन को रोकना अत्यंत आवश्यक है और यह धरती माता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में स्थानीय प्रजातियों के पौधों का अधिक से अधिक रोपण किया जाए तथा कुछ क्षेत्रों को संरक्षित कर प्राकृतिक रूप से हरित क्षेत्र विकसित किया जाए, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे और पशुओं के लिए भी प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हो सकें।

यादव ने कहा कि पानी का निर्माण संभव नहीं है, केवल उसका संरक्षण और पुनः उपयोग ही किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि देश में मीठे पानी की उपलब्धता सीमित है, इसलिए जल संरक्षण और जल पुनः उपयोग की दिशा में ठोस प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने भिवाड़ी में प्रगतिरत 34 एमएलडी संयंत्र जल शोधन एवं भंडारण परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि उपचारित जल का उपयोग उद्योगों में किया जा सकता है, जिससे मीठे पानी की बचत होगी और जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। उन्होंने कहा कि सागर जलाशय का जीर्णोद्धार पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो एक आदर्श मॉडल बन सकती है।

इस दौरान पूर्व विधायक रामहेत यादव, डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान, बन्नाराम मीणा, मोहित यादव, इंद्र यादव, अंजली यादव सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्धजन मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार

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