कृषि विश्वविद्यालय का मण्डोर केन्द्र राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित

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कृषि विश्वविद्यालय का मण्डोर केन्द्र राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित


भारत का सर्वश्रेष्ठ तिल अनुसंधान केंद्र का पुरस्कार मिला

जोधपुर, 25 मई (हि.स.)। डॉ. बीआर चौधरी कृषि अनुसंधान केन्द्र मण्डोर को आईसीएआर-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान हैदराबाद एवं अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) तिल एवं रामतिल जबलपुर द्वारा वर्ष 2025 सर्वश्रेष्ठ एआईसीआरपी तिल केन्द्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान तिलहन फसलों की वर्चुअल वार्षिक समूह बैठक के समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि सीएसएयूएटी कानपुर के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता द्वारा प्रदान किया गया।

कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलगुरु प्रो. वीएस जैतावत ने बताया कि तिल विश्व तथा भारत की एक महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है, जिसकी खेती देश के लगभग सभी कृषि-जलवायु क्षेत्रों में की जाती है। भारत तिल के क्षेत्रफल एवं उत्पादन की दृष्टि से अग्रणी देशों में होने के बावजूद इसकी औसत उत्पादकता अभी भी अपेक्षाकृत कम है। वर्ष 2025 में देश में लगभग 15.2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तिल की खेती की गई, जिससे 8.2 लाख टन उत्पादन प्राप्त हुआ तथा औसत उत्पादकता 527 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रही। भारत में इसकी खेती मुख्यत: खरीफ मौसम में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं गुजरात में की जाती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में रबी तथा ग्रीष्मकालीन फसल के रूप में भी इसका उत्पादन किया जाता है।

कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के अनुसंधान निदेशक डॉ. एमएम सुन्दरिया ने बताया कि एआईसीआरपी तिल केन्द्र की स्थापना वर्ष 1983 में हुई थी। स्थापना के बाद से ही इस केन्द्र के वैज्ञानिक पश्चिमी राजस्थान के किसानों के हित में निरंतर उत्कृष्ट एवं उपयोगी अनुसंधान कार्य कर रहे हैं। वैज्ञानिकों के समर्पित प्रयासों से अब तक तिल की कुल 9 उन्नत किस्मों का विकास किया जा चुका है।

केन्द्र की ओर से विकसित तिल की आरटी 392 किस्म किसानों के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध हुई है। क्षेत्रीय निदेशक अनुसन्धान डॉ. एमएल मेहरिया ने बताया कि आईसीएआर की तिल परियोजना के अंतर्गत देशभर के 12 नियमित एवं 16 स्वैच्छिक अनुसंधान केन्द्र कार्यरत हैं। इन केन्द्रों का मूल्यांकन उन्नत किस्मों के विकास, उत्पादन एवं संरक्षण तकनीकों के सृजन, बजट के प्रभावी उपयोग तथा समयबद्ध प्रगति प्रतिवेदन जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है। इन सभी मापदण्डों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मण्डोर केन्द्र को यह गौरवपूर्ण पुरस्कार प्रदान किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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