एम्स जोधपुर में बिना सर्जरी हटाया रेक्टल ट्यूमर
आठ घंटे तक चला ऑपरेशन, प्रदेश में इस तरह की पहली सर्जरी
जोधपुर, 01 मई (हि.स.)। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एम्स जोधपुर ने राज्य में पहली बार अत्यंत जटिल एंडोस्कोपिक सबम्यूकोसल डिसेक्शन (ईएसडी) प्रक्रिया के माध्यम से 10 गुणा 10 सेमी के बड़े रेक्टल ट्यूमर को एंडोस्कोपिक तरीके से, बिना ओपन सर्जरी के सफलतापूर्वक हटाया है। विशेष रूप से, यह जटिल प्रक्रिया पूरी तरह से एम्स जोधपुर में की गई है जो मार्डन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल उपचार के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी।
गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशीष अग्रवाल ने बताया कि यह प्रोसिजर लगभग 8 घंटे तक अत्यंत सूक्ष्मता और दक्षता के साथ चला। यह ऑपरेशन गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ टीम द्वारा संपन्न किया गया। यह ट्यूमर, जिसे लेटरली स्प्रेडिंग ट्यूमर के रूप में पहचाना गया, रेक्टल दीवार के बड़े हिस्से में फैला हुआ था, जिससे यह एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण मामला बन गया था, जिसके लिए पारंपरिक रूप से पेट का बड़ा आपरेशन करना पड़ता है।
डॉ. आशीष अग्रवाल ने बताया कि गैस्ट्राएंट्रोलॉजी की पारंपरिक उपचार पद्धति से अलग हटकर, टीम ने ईएसडी जैसी उच्च विशेषज्ञता वाली और न्यूनतम इनवेसिव तकनीक का उपयोग करते हुए पूरे ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया। इससे न केवल ओपन सर्जरी की आवश्यकता समाप्त हुई, बल्कि अंग संरक्षित रहा, जटिलताएं कम हुईं और रोगी की रिकवरी भी तेज से हो रही हैं। तेज रिवकरी को देखते हुए उसे जल्द डिस्चार्ज किया जाएगा। एम्स कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी ने इस सफलता के लिए डॉक्टर्स को शुभकानाएं देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को अग्रणी बनाने पर बल दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

