एमडीएस विश्वविद्यालय में सत्र 2026-27 से सभी स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली लागू
अजमेर, 03 जुलाई (हि.स.)। महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू), अजमेर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से व्यापक शैक्षणिक सुधार लागू करते हुए सभी स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप क्रेडिट आधारित शैक्षणिक ढांचा (क्रेडिटाइजेशन) तथा नई परीक्षा प्रणाली भी लागू की है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार सेमेस्टर प्रणाली लागू होने से विद्यार्थियों को नियमित एवं सतत अधिगम का अवसर मिलेगा, जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनेगी। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को विषय चयन में अधिक लचीलापन, बहुविषयक अध्ययन के अवसर तथा शैक्षणिक गतिशीलता प्राप्त होगी।
विश्वविद्यालय ने सभी स्नातक एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में क्रेडिट आधारित ढांचा लागू करते हुए नवीन परीक्षा प्रणाली भी अपनाई है। इसके अंतर्गत सतत मूल्यांकन (कॉन्टीन्युअस असेसमेंट) को शामिल किया गया है, जिससे विद्यार्थियों के नियमित अध्ययन, समग्र विकास और अधिगम परिणामों का अधिक प्रभावी मूल्यांकन किया जा सकेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इन सुधारों के माध्यम से उच्च शिक्षा को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी, नवाचारोन्मुख तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने का प्रयास किया गया है। सभी पाठ्यक्रमों की विस्तृत पाठ्यक्रम संरचना, पाठ्यचर्या रूपरेखा, क्रेडिट वितरण तथा परीक्षा योजनाएं विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जा रही हैं, जिन्हें शीघ्र ही विद्यार्थियों, शिक्षकों, संबद्ध महाविद्यालयों एवं अन्य हितधारकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसा शिक्षण वातावरण विकसित करना है, जो विद्यार्थी-केंद्रित, अधिगम परिणाम आधारित, लचीला तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप लागू किए गए ये सुधार विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता और भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करेंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

