उदयपुर में सत्यार्थ प्रकाश शताब्दी समारोह मना, स्वामी श्रद्धानंद के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान

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उदयपुर में सत्यार्थ प्रकाश शताब्दी समारोह मना, स्वामी श्रद्धानंद के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान


उदयपुर में सत्यार्थ प्रकाश शताब्दी समारोह मना, स्वामी श्रद्धानंद के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान


उदयपुर, 24 फ़रवरी (हि.स.)। मेवाड़ की पावन धरा और महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की अमर कृति ‘सत्यार्थ प्रकाश’ की सृजन स्थली उदयपुर में रविवार को सत्यार्थ प्रकाश शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया।

गुलाब बाग स्थित हाथी वाला पार्क में आयोजित कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने संबोधित करते हुए कहा कि देश और समाज को कट्टरपंथी एवं धर्मांध मानसिकता से सावधान रहने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि 1926 में आर्य नेता और राष्ट्र संत स्वामी श्रद्धानंद की रुग्ण अवस्था में गोली मारकर हत्या की गई थी। ऐसी घटनाएं इतिहास का हिस्सा हैं और समाज को उनसे सीख लेकर सजग रहने की जरूरत है।

उन्होंने स्वामी श्रद्धानंद के जीवन को सामाजिक समरसता, स्वराज, स्वधर्म, स्वभाषा, नारी सशक्तीकरण, गुरुकुलीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक ज्ञान-विज्ञान के प्रसार के लिए समर्पित बताया। साथ ही कहा कि उनके जीवन के आदर्श आज भी समाज को दिशा प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध आर्य संन्यासी स्वामी सुमेधानंद सरस्वती ने की। समारोह में दर्शनाचार्य विमलेश आर्या, श्रीमद् दयानंद सत्यार्थ प्रकाश न्यास के अध्यक्ष अशोक आर्य, स्वामी देवव्रत सरस्वती, आचार्य आर्य नरेश, आचार्या सूर्या चतुर्वेदा, प्रकाश आर्य तथा जितेंद्र भाटिया सहित अनेक विद्वानों और विदुषियों ने विचार व्यक्त किए।

वक्ताओं ने स्वामी श्रद्धानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आर्य समाज के अनुयायी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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